रायपुर। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय (KTU) में विद्यार्थियों द्वारा आयोजित गणपति उत्सव में मंगलवार को आस्था, संस्कृति और विश्वविद्यालय के पुराने छात्र जीवन की यादें एक साथ देखने को मिलीं। गणपति उत्सव की महाआरती में भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष एवं KTU के पूर्व विद्यार्थी राहुल टिकरिहा और युवा कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष हनी बग्गा एक ही मंच पर नजर आए। दोनों नेताओं ने विद्यार्थियों के साथ भगवान गणेश की महाआरती की और गणपति बप्पा का आशीर्वाद लिया।
2016 के छात्रसंघ चुनाव की यादें हुईं ताजा
महाआरती के बाद बातचीत के दौरान दोनों नेताओं ने विश्वविद्यालय में बिताए अपने छात्र जीवन और 2016 के छात्रसंघ चुनाव से जुड़ी यादें विद्यार्थियों के साथ साझा कीं। छात्र राजनीति के उस दौर के अनुभवों और विश्वविद्यालय परिसर में होने वाली गतिविधियों का जिक्र होने पर पुराने छात्र जीवन की कई यादें फिर से ताजा हो गईं।
अलग-अलग राजनीतिक धाराओं से जुड़े दोनों नेताओं का एक साथ मंच साझा करना विद्यार्थियों के लिए भी चर्चा का विषय रहा। कभी विश्वविद्यालय की छात्र राजनीति में सक्रिय रहे ये पूर्व विद्यार्थी आज प्रदेश की राजनीति में अलग-अलग संगठनों में जिम्मेदारियां संभाल रहे हैं।
कुलपति समेत कई प्रमुख हस्तियां रहीं मौजूद
गणपति उत्सव की महाआरती में विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. मनोज दयाल ने विद्यार्थियों के साथ सहभागिता की। कार्यक्रम में बाल आयोग की अध्यक्ष वर्णिका शर्मा और राज्य भाषा आयोग के अध्यक्ष प्रभात मिश्रा भी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। बड़ी संख्या में विद्यार्थियों की मौजूदगी से पूरा विश्वविद्यालय परिसर भक्तिमय नजर आया।

कुलपति डॉ. मनोज दयाल ने विद्यार्थियों द्वारा आयोजित गणपति उत्सव की सराहना करते हुए इसे विश्वविद्यालय में सांस्कृतिक चेतना और रचनात्मक गतिविधियों को बढ़ावा देने वाला आयोजन बताया। उन्होंने विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी को विश्वविद्यालय की सकारात्मक ऊर्जा से जोड़ा।
गणपति उत्सव बना पुराने और नए KTU के मिलन का मंच
इस आयोजन की खास बात यह रही कि गणपति उत्सव के मंच पर वर्तमान विद्यार्थियों के साथ विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र भी जुड़े। एक ओर जहां विद्यार्थी धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन में भाग लेते नजर आए, वहीं राहुल टिकरिहा और हनी बग्गा की मौजूदगी ने KTU के पुराने छात्र जीवन और 2016 की छात्र राजनीति को फिर चर्चा में ला दिया।
विश्वविद्यालय परिसर में कभी छात्र राजनीति के अलग-अलग खेमों में सक्रिय रहे दोनों नेताओं का आज एक ही मंच पर महाआरती करना आयोजन का प्रमुख आकर्षण रहा। ऐसे में गणपति उत्सव केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह KTU के पुराने छात्र जीवन, वर्तमान विद्यार्थियों और पूर्व छात्रों के जुड़ाव का भी मंच बन गया।






