ओडिशा के गंजाम जिले के भंजनगर ब्लॉक स्थित घिड़ीपाबली गांव में हुए भूस्खलन की चपेट में आने से अब तक सात लोगों की मौत हो चुकी है। गुरुवार को मलबे से एक ही परिवार के पांच शव बरामद किए गए, जिनमें तीन बच्चे शामिल हैं। इस घटना में अब भी छह लोग लापता हैं और उनकी तलाश जारी है।
बताया जा रहा है कि यह हादसा 28 अक्टूबर की तड़के करीब 3 बजे हुआ, जब चक्रवात अर्नब के बाद आई भारी बारिश के चलते पहाड़ी से मिट्टी, चट्टानें, पेड़ और पानी तेजी से नीचे आ गया। उस समय गांव के लोग अपने घरों में सो रहे थे। भूस्खलन से कई घर मलबे में दब गए और गांव को भारी नुकसान पहुंचा।
मृतकों में एक ही परिवार के पांच सदस्य शामिल हैं, जिनमें दंपति और उनके तीन बच्चे हैं। अधिकारियों के अनुसार, इससे पहले भी दो शव बरामद हो चुके थे। गुरुवार को पांच और शव मिलने के बाद इस भूस्खलन में मरने वालों की कुल संख्या सात हो गई है।
भूस्खलन के बाद से बचाव और तलाशी अभियान लगातार चल रहा है। खराब मौसम के कारण बुधवार को अभियान कुछ समय के लिए रोकना पड़ा था, जिसे गुरुवार को दोबारा शुरू किया गया। ओडिशा आपदा त्वरित कार्रवाई बल, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल, अग्निशमन सेवा और रेलवे की टीमें मलबा हटाकर लापता लोगों की तलाश में जुटी हैं।
प्रशासन के मुताबिक, भूस्खलन के दौरान 13 लोग किसी तरह अपनी जान बचाने में सफल रहे और वे राहत शिविर पहुंचे। वहीं 13 लोग मलबे में दब गए थे। अब तक सात शव बरामद हो चुके हैं, जबकि बाकी छह लोगों की तलाश जारी है।
इस आपदा के बाद ओडिशा सरकार ने केंद्र सरकार से राहत के लिए 2,526 करोड़ रुपए की सहायता मांगी है। साथ ही आपदा प्रबंधन की स्थायी व्यवस्था के लिए 10,000 करोड़ रुपए के विशेष पैकेज की मांग भी की गई है। प्रशासन ने कहा है कि मृतकों के परिजनों को आवश्यक मुआवजा दिया जाएगा।
अधिकारियों का कहना है कि मौसम में सुधार के बाद तलाशी अभियान तेज किया गया है। बचाव दल तब तक मौके पर तैनात रहेंगे, जब तक लापता छह लोगों का कोई सुराग नहीं मिल जाता।





