रायपुर। छत्तीसगढ़ के चर्चित शराब घोटाले में नया मोड़ तब आया जब पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मंगलवार को रायपुर स्थित विशेष अदालत में पेश किया। कोर्ट ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। अब वे 4 अगस्त तक जेल में रहेंगे।
इससे पहले ईडी ने चैतन्य बघेल को 5 दिन की रिमांड पर लेकर पूछताछ की थी। गिरफ्तारी 18 जुलाई को उनके भिलाई स्थित आवास से उनके जन्मदिन के दिन हुई थी।
चैतन्य पर आरोप है कि उन्होंने शराब घोटाले में 16.70 करोड़ रुपये की अवैध राशि सीधे तौर पर प्राप्त की और इसका उपयोग रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स में किया। ईडी का दावा है कि उन्होंने नकद लेनदेन, बैंक एंट्री और फर्जी फ्लैट बुकिंग जैसे तरीकों से इस राशि को वैध बनाने की कोशिश की।
ईडी ने यह भी खुलासा किया कि चैतन्य ने त्रिलोक सिंह ढिल्लों के साथ मिलकर विठ्ठलपुरम प्रोजेक्ट में कर्मचारियों के नाम पर फ्लैट खरीद की आड़ में 5 करोड़ रुपये का लेन-देन किया।
जांच एजेंसी के मुताबिक, चैतन्य बघेल पर 1000 करोड़ रुपये से अधिक की घोटाले से अर्जित राशि (POC) को छत्तीसगढ़ कांग्रेस के तत्कालीन कोषाध्यक्ष और अन्य सहयोगियों तक पहुंचाने का आरोप भी है।
इस मामले में पहले ही अनिल टुटेजा, अरविंद सिंह, त्रिलोक ढिल्लों, अनवर ढेबर, अरुण पति त्रिपाठी और कवासी लखमा जैसे कई बड़े नाम गिरफ्तार हो चुके हैं।
जांच अब भी जारी है और ईडी के अनुसार, घोटाले की अंतिम धनराशि कहां गई — यह अब भी जांच के दायरे में है।







