राजस्थान के बाड़मेर जिले में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए रेगिस्तान के सुनसान धोरों के बीच छिपी एक अवैध ड्रग फैक्ट्री का पर्दाफाश किया है। यह फैक्ट्री भारत-पाकिस्तान सीमा से लगभग 32 किलोमीटर दूर स्थित थी, जिसे अपराधियों ने बेहद सुनसान इलाके में गुप्त रूप से स्थापित कर रखा था।
इस कार्रवाई की शुरुआत मंगलवार दोपहर 1 बजे हुई, जब सेंदवा थाना क्षेत्र के धोलीकिया और खारटिया गांवों के बीच पुलिस को संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिली। पुलिस ने तुरंत दबिश देकर फैक्ट्री में छापा मारा, जहाँ से दो युवकों को हिरासत में लिया गया। हालांकि, एक आरोपी मौके से फरार हो गया है, जिसकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है।
बाड़मेर के एसपी नरेंद्र सिंह मीणा ने बताया कि फैक्ट्री में नशीले पदार्थों का निर्माण हो रहा था। यह जानकारी मिलते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए फैक्ट्री को सील कर दिया और आरोपियों से पूछताछ शुरू की। शुरुआती जांच में पता चला है कि यह फैक्ट्री बड़े पैमाने पर मादक पदार्थों की आपूर्ति कर रही थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) को भी सूचित कर दिया गया है। वहां से भी एक टीम मौके पर रवाना हो चुकी है। फैक्ट्री से बड़ी मात्रा में नशीली सामग्री बरामद की गई है, जिसकी विस्तृत जानकारी जल्द ही साझा की जाएगी।
फरार आरोपी की तलाश के लिए DSP जीवनलाल खत्री के नेतृत्व में टीमें गठित की गई हैं, जो संभावित ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन चला रही हैं। यह घटना न केवल नशे के खिलाफ लड़ाई की अहम कड़ी है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि तस्कर अब दूर-दराज और निर्जन इलाकों में भी अपने नेटवर्क फैला रहे हैं।







