नई दिल्ली: केंद्र सरकार के रिटायर होने वाले कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर है। मोदी सरकार ने डिजिटल गवर्नेंस और ईज ऑफ लिविंग को बढ़ावा देते हुए बड़ा फैसला लिया है। अब रिटायरमेंट के बाद CGHS पेंशनर कार्ड बनवाने के लिए कर्मचारियों को दफ्तरों के चक्कर लगाने या लंबी कागजी प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से जारी आधिकारिक कार्यालय ज्ञापन (Office Memorandum) के मुताबिक, स्वास्थ्य विभाग ने पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग (DoPPW) के साथ मिलकर CGHS ऑनलाइन पोर्टल को ‘भविष्य’ (Bhavishya) पोर्टल से जोड़ दिया है।
इस नई व्यवस्था का मकसद रिटायर होने वाले कर्मचारियों के लिए CGHS पेंशनर कार्ड की आवेदन प्रक्रिया को पूरी तरह पेपरलेस, आसान और तकनीक आधारित बनाना है।
नई व्यवस्था में क्या-क्या मिलेगा?
ऑटो-फिल सुविधा:
‘भविष्य’ पोर्टल पर कर्मचारी की जो पेंशन संबंधी जानकारी पहले से मंजूर होगी, वह CGHS कार्ड के आवेदन फॉर्म में अपने आप भर जाएगी।
PAN से होगा वेरिफिकेशन:
दोनों पोर्टलों के बीच रियल-टाइम डेटा ट्रांसफर और सत्यापन के लिए PAN नंबर का इस्तेमाल एक यूनिक पहचान के रूप में किया जाएगा।
ऑनलाइन बनेगा कार्ड:
जैसे ही कार्यालय प्रमुख (HoO) पेंशन फॉर्म को मंजूरी देंगे, PPO जारी होगा और भारतकोश (BharatKosh) के जरिए CGHS अंशदान का ऑनलाइन भुगतान सफल होगा, वैसे ही CGHS पेंशनर कार्ड ऑनलाइन जारी हो जाएगा।
कभी भी डाउनलोड करें:
कर्मचारी अपना मंजूर किया गया CGHS पेंशनर कार्ड CGHS पोर्टल और ‘भविष्य’ पोर्टल, दोनों से कभी भी डाउनलोड कर सकेंगे।
देरी और झंझट से मिलेगी राहत
सरकार का कहना है कि इस नई व्यवस्था से कागजी काम काफी कम होगा, प्रक्रिया में होने वाली देरी घटेगी और बार-बार जानकारी भरने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे रिटायर होने वाले कर्मचारियों को एक आसान डिजिटल सुविधा मिलेगी और उन्हें रिटायरमेंट के तुरंत बाद स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ समय पर मिल सकेगा।

पुरानी व्यवस्था भी रहेगी जारी
सरकार ने साफ किया है कि यह नई सुविधा सिर्फ एक अतिरिक्त विकल्प है। पहले से CGHS पोर्टल के जरिए चल रही ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया भी पहले की तरह जारी रहेगी। कर्मचारी अपनी सुविधा के अनुसार किसी भी तरीके से आवेदन कर सकते हैं।
मंत्रालय ने सभी विभागों और मंत्रालयों से कहा है कि वे अपने अधीन आने वाले कर्मचारियों को इस नई डिजिटल सुविधा की जानकारी दें, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इसका फायदा उठा सकें। इसके लिए विस्तृत दिशा-निर्देश (SOP) जल्द ही दोनों आधिकारिक वेबसाइटों पर जारी किए जाएंगे।






