देश में स्वच्छता को लेकर सरकार लगातार नए कदम उठा रही है। पहले सिर्फ बड़े हाईवे और मुख्य सड़कों की मशीन से सफाई होती थी, लेकिन अब टू लेन और सिंगल लेन सड़कों को भी इस अभियान में शामिल किया गया है। इसका मकसद देश के शहरों को स्वच्छता रैंकिंग में टॉप 3 में लाना है।
सबसे पहले, जब छोटी सड़कों की भी मशीन से सफाई होगी, तो शहर की कुल सफाई व्यवस्था मजबूत होगी। अब तक गलियों और छोटी सड़कों पर गंदगी अक्सर जमा रहती थी क्योंकि वहां नियमित सफाई नहीं हो पाती थी। मशीनों से सफाई होने पर इन सड़कों को भी वैसी ही प्राथमिकता मिलेगी जैसी बड़ी सड़कों को मिलती है।
दूसरे, मशीनों से सफाई होने पर धूल-मिट्टी, कीचड़ और कचरा जल्दी और प्रभावी तरीके से हटाया जा सकेगा। इससे न केवल सड़कों की सुंदरता बढ़ेगी, बल्कि प्रदूषण और बीमारियों में भी कमी आएगी। लोगों का सफर भी सुगम और सुरक्षित होगा।
तीसरे, इस कदम से स्वच्छता अभियान को आधुनिक तकनीक का समर्थन मिलेगा। यह दिखाता है कि सरकार शहरों को साफ-सुथरा रखने के लिए गंभीर है और हर स्तर पर काम कर रही है।
अंत में कहा जा सकता है कि यह कदम शहरों को स्वच्छ बनाने की दिशा में बड़ा और ठोस प्रयास है। जब हर गली और सड़क चमकदार होगी, तो न केवल रैंकिंग सुधरेगी बल्कि नागरिकों का जीवन भी बेहतर होगा। जनता के सहयोग से यह लक्ष्य जल्दी हासिल किया जा सकता है।







