प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गोवा में पोंजी स्कीम चलाने वाले गोहिल जयकुमार और उनके सहयोगियों पर बड़ी कार्रवाई की है। ईडी ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत लगभग 61.53 लाख रुपये की चल-अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क किया है। इसमें दो आवासीय फ्लैट, सावधि जमा और इक्विटी शेयर शामिल हैं।
यह कार्रवाई मेसर्स रंगगीता एंटरप्राइजेज से जुड़े मामले में हुई है, जहां आरोपियों ने निवेशकों को हर महीने 20% तक रिटर्न का झूठा वादा किया था। इस धोखाधड़ी योजना से लोगों से 9.33 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी की गई।
जांच की शुरुआत गोवा पुलिस के आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ द्वारा दर्ज एफआईआर और आरोप पत्र के आधार पर हुई थी। इसमें सामने आया कि गोहिल जयकुमार और उनके सहयोगियों ने अपंजीकृत फर्म रंगगीता एंटरप्राइजेज के जरिए निवेशकों से पैसे जुटाए। निवेश की रकम सीधे उनके व्यक्तिगत बैंक खातों में जमा करवाई जाती थी।
ईडी की जांच में यह भी खुलासा हुआ कि यह योजना पूरी तरह से पोंजी स्कीम थी, जो अप्रैल-मई 2022 में ढह गई, जब निकासी ज्यादा और नई एंट्री कम हो गई। जुटाई गई रकम को किसी वैध व्यवसाय में नहीं लगाया गया, बल्कि लक्जरी लाइफस्टाइल, अचल संपत्तियों की खरीद और व्यक्तिगत खर्चों पर खर्च किया गया।







