छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में तीन तलाक से जुड़ा एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जिसमें एक युवक ने मोबाइल फोन पर ही अपनी पहली पत्नी को तलाक दे दिया। यह मामला सिर्फ पारिवारिक विवाद तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अब यह कानूनी कार्रवाई तक पहुंच गया है। मामला गरियाबंद निवासी इरफान वारसी से जुड़ा है, जिसकी शादी 2017 में कांकेर की एक मुस्लिम महिला से हुई थी।
शादी के कुछ समय बाद ही इरफान का संबंध एक दूसरी महिला से बन गया, जिससे उनके वैवाहिक जीवन में तनाव बढ़ता गया। धीरे-धीरे यह रिश्ता अफेयर से शादी तक पहुंच गया। इरफान ने दूसरी महिला से विवाह कर लिया और उसे घर भी ले आया, जिससे पहली पत्नी के साथ विवाद और गहराने लगा। उस समय इरफान की पहली पत्नी कांकेर में ही रह रही थी।
20 जून 2025 को, जब पहली पत्नी कांकेर में थी, इरफान ने उसे फोन कर तीन बार “तलाक, तलाक, तलाक” कहकर संबंध खत्म करने की बात कह दी। उस समय महिला का भाई सऊदी अरब में हज यात्रा पर गया हुआ था। जब महिला ने यह बात अपने भाई को बताई, तो उसने तुरंत अपने जीजा इरफान को सऊदी अरब से फोन कर समझाने की कोशिश की, लेकिन बात नहीं बनी।
थक हारकर महिला का भाई कांकेर लौटकर मुस्लिम समाज के लोगों के साथ कोतवाली थाना पहुंचा और इरफान वारसी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई। उसका कहना है कि तीन तलाक अब कानूनन अपराध है और सामाजिक दृष्टिकोण से भी इस प्रकार की घटना मुस्लिम समाज के लिए शर्मनाक है।



