छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन (CGMSC) से जुड़े करीब 660 करोड़ रुपये के रीएजेंट घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कार्रवाई तेज कर दी है। इस मामले में मोक्षित कॉरपोरेशन के संचालक शशांक चोपड़ा से पूछताछ के लिए ईडी ने अदालत से 19 जनवरी तक पुलिस रिमांड हासिल कर ली है।
ईडी ने जेल में बंद शशांक चोपड़ा को प्रोटेक्शन वारंट के जरिए कोर्ट में पेश किया। उल्लेखनीय है कि शशांक चोपड़ा पहले से ही आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) द्वारा दर्ज मामले में न्यायिक हिरासत में बंद है। अब ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े प्रकरण में उसे औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया है।
दरअसल, CGMSC रीएजेंट घोटाले की जांच जहां ईओडब्ल्यू कर रही है, वहीं ईडी इस पूरे मामले को PMLA (धन शोधन निवारण अधिनियम) के तहत खंगाल रही है। जांच एजेंसियों का दावा है कि शशांक चोपड़ा इस कथित घोटाले का मुख्य मास्टरमाइंड है।
इससे पहले, जुलाई महीने के अंत में ईडी ने मोक्षित कॉरपोरेशन से जुड़े 20 से अधिक ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की थी। इसके बाद अगस्त में शशांक चोपड़ा और उसके परिजनों की 40 करोड़ रुपये से ज्यादा की चल और अचल संपत्तियों को कुर्क किया गया था।
ईडी सूत्रों के मुताबिक, ताजा रिमांड के दौरान शशांक चोपड़ा से फंड ट्रांसफर, शेल कंपनियों के नेटवर्क, कमीशन लेनदेन और अन्य संदिग्ध लोगों की भूमिका को लेकर गहन पूछताछ की जाएगी। माना जा रहा है कि इस पूछताछ के बाद अन्य बड़े नाम भी जांच के दायरे में आ सकते हैं और मामले में नई गिरफ्तारियां संभव हैं।



