भोपाल।मध्यप्रदेश में 108 एंबुलेंस सेवाओं को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। राज्य सरकार ने पिछले 3 वर्षों में 108 एंबुलेंस सेवाओं के लिए लगभग 900 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया, जबकि इन एंबुलेंस का श्रमिक पंजीयन ही नहीं कराया गया था।
पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रेमसिंह पटेल ने विधानसभा में बताया कि बिना पंजीयन के ही कंपनी को भुगतान किया गया। एक एंबुलेंस की कीमत जहां 15 लाख रुपये होनी चाहिए थी, वहां एक वाहन के लिए 45 लाख रुपये तक चुकाए गए।
यह मामला भोपाल जिला न्यायालय में विचाराधीन है और सरकार ने कंपनी के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। इस गड़बड़ी में कई प्रशासनिक स्तरों पर लापरवाही की आशंका जताई जा रही है।
बेरोजगारी के आंकड़े भी चौंकाने वाले:
सरकार की ओर से यह भी जानकारी दी गई कि मध्यप्रदेश में “आपकी योजना-आपका भविष्य” के तहत 2020 से 2023 तक 52 लाख से अधिक आवेदन आए, लेकिन इसमें से केवल 4.47 लाख युवाओं को ही रोजगार मिला।
8.40 लाख श्रमिकों का पंजीयन नहीं:
वहीं दूसरी ओर, निर्माण श्रमिकों के पंजीयन में भी बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। 2017-18 में 20.54 करोड़ का बजट जारी किया गया, लेकिन अगले साल यह घटकर 17.09 करोड़ हो गया और 2019 में यह आंकड़ा 26.04 करोड़ तक पहुंचा। फिर भी 8.40 लाख मजदूरों का पंजीयन नहीं हो सका।







