राज्य सरकार ने अपने कर्मचारियों को राहत देते हुए महंगाई भत्ते (डीए) में बढ़ोतरी की घोषणा की है। बजट भाषण के दौरान पहले ही वित्त मंत्री द्वारा 3 प्रतिशत महंगाई भत्ता बढ़ाने की घोषणा की गई थी। जारी आदेश के मुताबिक, राज्य के शासकीय सेवकों के महंगाई भत्ते में 3 प्रतिशत की वृद्धि करके इसे 53 प्रतिशत कर दिया गया था। लेकिन अब इसे और बढ़ाकर 55 प्रतिशत कर दिया गया है। वर्तमान में केंद्र सरकार के कर्मचारियों को भी 55 प्रतिशत महंगाई भत्ता दिया जा रहा है, जिससे अब राज्य और केंद्र दोनों के कर्मचारियों को समान लाभ मिलेगा।
महंगाई भत्ते की इस बढ़ोतरी से लाखों शासकीय सेवकों को सीधा फायदा मिलेगा। सातवें वेतनमान में कार्यरत कर्मचारियों को पहले 53 प्रतिशत महंगाई भत्ता दिया जा रहा था, लेकिन अब इसमें 2 प्रतिशत की वृद्धि हो गई है। इसका असर सीधे तौर पर उनके मासिक वेतन पर दिखाई देगा। कर्मचारियों को बढ़ा हुआ वेतन अगले महीने से मिलने लगेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि महंगाई भत्ते में यह वृद्धि वर्तमान आर्थिक परिस्थितियों को देखते हुए एक स्वागत योग्य कदम है। लगातार बढ़ती महंगाई से जहां आम जनता परेशान है, वहीं कर्मचारियों को मिलने वाली इस राहत से उनके खर्चों का बोझ कुछ हद तक कम होगा। राज्य सरकार ने केंद्र सरकार के बराबर डीए बढ़ाकर यह संदेश दिया है कि वह अपने कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।
इस प्रकार महंगाई भत्ते में हुई यह वृद्धि न केवल कर्मचारियों के लिए राहत लेकर आई है, बल्कि यह आर्थिक स्थिरता की दिशा में भी एक सकारात्मक कदम मानी जा रही है।







