रायपुर नगर निगम में भी इंदौर जैसी स्थिति, नल खोलते ही निकल रहे बदबू और कीड़े!

Madhya Bharat Desk
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रायपुर। उत्तर विधानसभा क्षेत्र के महर्षि वाल्मिको वार्ड और नेताजी सुभाषचंद्र बोस वार्ड में स्थित चार कॉलोनियों के लोग पिछले एक महीने से दूषित पेयजल की गंभीर समस्या से जूझ रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि यह संकट उस इलाके में है, जहां श्री जगन्नाथ मंदिर परिसर में विधायक पुरंदर मिश्रा का कार्यालय भी स्थित है, लेकिन अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका।

राम आनकी मंदिर के पास स्थित पिंक सिटी कॉलोनी, सेल्स टैक्स कॉलोनी, गायत्री नगर सेक्टर-1 और अवंति विहार के करीब 483 मकानों में निगम की सप्लाई से लगातार बदबूदार और पीला पानी आ रहा है। 3 जनवरी की सुबह हालात तब और बिगड़ गए, जब नल से पानी के साथ कीड़े निकलते दिखाई दिए। इसके बाद नागरिकों में भारी आक्रोश फैल गया।

इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों की घटना के बाद हालात की गंभीरता को देखते हुए महापौर मीनल चौबे ने जलकार्य विभाग के एमआईसी सदस्य और निगम अधिकारियों के साथ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। निरीक्षण के दौरान सामने आया कि घरेलू कनेक्शन की हाफ इंच पाइपलाइन गंदी नाली में डूबी हुई है, जिससे पानी प्रदूषित हो रहा है। महापौर ने अधिकारियों को 24 घंटे में सुधार के निर्देश देते हुए सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी।

इससे पहले विधायक पुरंदर मिश्रा ने भी समस्या के समाधान के लिए दो बार बैठक ली थी, लेकिन हालात जस के तस बने रहे। निगम के जलकार्य विभाग ने समाधान के नाम पर कई जगह खुदाई कर लीकेज ढूंढने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी। पूरे क्षेत्र में अवंति विहार टंकी से जलापूर्ति होती है। शुरुआती दिनों में शिकायतों के दौरान जोन-3 और जोन-9 की सीमा को लेकर जिम्मेदारी तय करने में ही अधिकारी उलझे रहे।

नागरिकों की पीड़ा

पिंक सिटी कॉलोनी रेसिडेंस एसोसिएशन के अध्यक्ष रामअवतार पाठक ने बताया कि एक महीने से विधायक और पार्षद पुष्पा रोहित साहू को लगातार अवगत कराया गया, जोन कार्यालय में आवेदन भी दिया, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

स्थानीय निवासी सीएच श्रीनिवास राव ने कहा कि नल खोलते ही करीब 15 मिनट तक पीला और बदबूदार पानी आता है। बाद में बदबू तो कम हो जाती है, लेकिन पानी का रंग नहीं बदलता। हालात ऐसे हैं कि यह पानी पीने तो दूर, निस्तारी के लायक भी नहीं बचता।

बाहर से खरीद रहे पीने का पानी

स्थिति यह है कि कॉलोनी की 75 प्रतिशत आबादी अब बाहर से फिल्टर्ड पानी खरीदकर पीने को मजबूर है। पानी की गाड़ियां कॉलोनी में घूम रही हैं और लोग कैन में पानी खरीद रहे हैं या फिर उबालकर उपयोग कर रहे हैं।

12 साल में पहली बार ऐसा संकट

सेल्स टैक्स कॉलोनी निवासी किशोर साहू ने बताया कि वे पिछले 12 वर्षों से यहां रह रहे हैं, लेकिन पहली बार निगम के नल से इतना गंदा और कीड़े वाला पानी आया है। इंदौर की घटना को देखते हुए लोग और भी डर गए हैं।

बोरवेल के पानी से भी डर

पिंक सिटी कॉलोनी में बोरवेल की सुविधा है, लेकिन पिछले साल लाभांडी इलाके में बोरवेल का पानी पीने से फैले डायरिया के कारण लोग अब इसका इस्तेमाल केवल निस्तारी के लिए कर रहे हैं।

क्लोरीन गोलियों की बढ़ी मांग

डायरिया की आशंका के चलते इलाके में क्लोरीन गोलियों की मांग अचानक बढ़ गई है। लोग उबले पानी में क्लोरीन टैबलेट डालकर पीने को मजबूर हैं, ताकि किसी तरह खुद को सुरक्षित रख सकें।

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