नई दिल्ली।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने देशवासियों से स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता देने की अपील की है। यह कदम आत्मनिर्भर भारत अभियान को गति देने और देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के उद्देश्य से उठाया गया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि जब वैश्विक स्तर पर आर्थिक अस्थिरता का माहौल है, तब भारत को अपने हितों की रक्षा के लिए सजग रहना होगा।
पीएम मोदी बोले – हर भारतीय खरीदार बने आत्मनिर्भर भारत का भागीदार
प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार की शीर्ष प्राथमिकता किसानों का कल्याण, लघु उद्योगों का संरक्षण और युवाओं के लिए रोजगार सृजन है। उन्होंने वाराणसी में एक जनसभा में कहा, “हमें वे चीजें खरीदनी चाहिए जिन्हें बनाने में किसी भारतीय का श्रम और कौशल लगा हो। जो लोग भारत को तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनते देखना चाहते हैं, उन्हें स्वदेशी अपनाना होगा।”
केंद्रीय मंत्री मेघवाल का स्वदेशी पर जोर
केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने रविवार को सभी नागरिकों से अपील की कि वे भारतीय उत्पादों को अपनाकर आत्मनिर्भर भारत अभियान को मजबूती दें। उन्होंने कहा, “हर भारतीय को यह संकल्प लेना चाहिए कि वह भारत में बना हुआ सामान ही खरीदे। जब देश का हर नागरिक एकजुट होकर स्वदेशी को अपनाएगा, तभी आत्मनिर्भर भारत का सपना साकार होगा।”
‘स्वदेशी की भावना ही भारत का भविष्य तय करेगी’
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि अब वक्त आ गया है जब स्वदेशी सोच को हर पहलू में अपनाना जरूरी हो गया है – चाहे वह शादी-ब्याह की जगह हो या घरेलू खरीदारी। उन्होंने बताया कि कई लोग अब विदेशों की बजाय भारत में ही शादी कर रहे हैं, जिससे देश का धन देश में ही निवेशित हो रहा है।
केंद्र की नीति स्पष्ट: भारतीय हित सर्वोपरि
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने संसद में स्पष्ट किया कि भारत की नीति का मूल उद्देश्य देश के हितों की रक्षा करना है। उन्होंने कहा कि “सरकार का फोकस देश के व्यापार, युवाओं के रोजगार और स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा देने पर है।”
प्रधानमंत्री और मंत्रिमंडल का यह स्पष्ट संदेश है कि भारत में बना हर उत्पाद केवल एक वस्तु नहीं, बल्कि देश की आर्थिक स्वतंत्रता का प्रतीक है। आने वाले वर्षों में स्वदेशी भावना ही भारत को वैश्विक मंच पर आर्थिक महाशक्ति के रूप में स्थापित करेगी।



