त्रिपुरा में आज TTADC चुनाव

Madhya Bharat Desk
3 Min Read

त्रिपुरा में लंबे और तेज़ चुनाव प्रचार के बाद आज राज्य की राजनीति का एक अहम दिन है। त्रिपुरा ट्राइबल एरियाज ऑटोनॉमस डिस्ट्रिक्ट काउंसिल (TTADC) के लिए मतदान कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच हो रहा है। राज्य चुनाव आयोग ने शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा के व्यापक इंतज़ाम किए हैं।

TTADC का यह चुनाव राज्य की राजनीति में काफी अहम माना जाता है। 30 सदस्यों वाली इस परिषद में 28 सदस्यों का चुनाव जनता करती है, जबकि दो सदस्यों को राज्य सरकार द्वारा नामित किया जाता है। यह परिषद राज्य के लगभग 70 प्रतिशत भौगोलिक क्षेत्र के प्रशासन की जिम्मेदारी संभालती है, जिससे इसकी राजनीतिक और प्रशासनिक अहमियत और बढ़ जाती है।

9.62 लाख से ज्यादा मतदाता, महिलाओं की बड़ी भागीदारी

इस चुनाव में कुल 9,62,697 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इनमें 4,80,666 महिला मतदाता शामिल हैं, जिनकी भागीदारी चुनावी नतीजों को निर्णायक रूप से प्रभावित कर सकती है। अधिकतर मतदाता आदिवासी समुदाय से आते हैं, इसलिए यह चुनाव सामाजिक और राजनीतिक दोनों स्तरों पर खास महत्व रखता है।

173 उम्मीदवारों के बीच कड़ा मुकाबला

राज्य के आठ जिलों में फैली 28 सीटों पर कुल 173 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। प्रमुख मुकाबला भारतीय जनता पार्टी (BJP), वाम मोर्चा (माकपा के नेतृत्व में), कांग्रेस और क्षेत्रीय दलों के बीच है। इसके अलावा टिपरा मोथा पार्टी (TMP) और इंडिजिनस पीपुल्स फ्रंट ऑफ त्रिपुरा (IPFT) भी इस चुनाव में अहम भूमिका निभा रहे हैं। वहीं, 38 निर्दलीय उम्मीदवार भी अपनी किस्मत आज़मा रहे हैं, जिससे मुकाबला और भी दिलचस्प हो गया है।

सुरक्षा के सख्त इंतजाम

शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए राज्य भर में सुरक्षा बलों की भारी तैनाती की गई है। 13,500 से अधिक केंद्रीय और राज्य पुलिसकर्मी ड्यूटी पर तैनात हैं। केंद्र सरकार ने अंतिम समय में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) की 24 कंपनियां भी उपलब्ध कराई हैं। संवेदनशील और अति-संवेदनशील मतदान केंद्रों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके।

क्यों महत्वपूर्ण है TTADC चुनाव?

TTADC चुनाव को राज्य विधानसभा के बाद दूसरा सबसे महत्वपूर्ण राजनीतिक मंच माना जाता है। इस चुनाव के परिणाम न केवल आदिवासी बहुल इलाकों की राजनीति को प्रभावित करेंगे, बल्कि आने वाले विधानसभा चुनावों के संकेत भी दे सकते हैं।

Share on WhatsApp

Share This Article
Leave a Comment