एक्सिस म्यूचुअल फंड में 200 करोड़ का फ्रंट-रनिंग घोटाला, ईडी ने पूर्व फंड मैनेजर को किया गिरफ्तार

Madhya Bharat Desk
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नई दिल्ली।प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने एक्सिस म्यूचुअल फंड फ्रंट-रनिंग घोटाले की जांच के तहत दिल्ली, मुंबई, गुरुग्राम, लुधियाना, अहमदाबाद, भावनगर, भुज और कोलकाता में एक और दो अगस्त को कई ठिकानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई 2018 से 2021 के बीच की उन संदिग्ध ट्रेड गतिविधियों की जांच का हिस्सा है, जिनमें गोपनीय सूचनाओं का दुरुपयोग कर 200 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध कमाई की गई।

 वीरेश जोशी पर गंभीर आरोप

मामले में मुख्य आरोपी वीरेश गंगाराम जोशी, एक्सिस म्यूचुअल फंड के तत्कालीन मुख्य डीलर, पर आरोप है कि उन्होंने संवेदनशील ट्रेडिंग जानकारी को अपने निजी फायदे के लिए इस्तेमाल किया। उन्होंने दुबई स्थित एक टर्मिनल के माध्यम से म्यूल ट्रेडिंग खातों का उपयोग कर फ्रंट-रनिंग ऑर्डर दिए।

 कैसे हुआ फ्रंट-रनिंग घोटाला?

फ्रंट-रनिंग शेयर बाजार में एक गैरकानूनी और अनैतिक ट्रेडिंग प्रथा है, जिसमें कोई ट्रेडर या ब्रोकर, क्लाइंट के ऑर्डर के निष्पादन से पहले खुद के फायदे के लिए ऑर्डर करता है। इस तरह के कदाचार से बाजार की पारदर्शिता और आम निवेशकों का भरोसा कमजोर होता है।

 ईडी की जांच में कई नाम सामने आए

ईडी की प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि केवल वीरेश जोशी ही नहीं, बल्कि कई अन्य ट्रेडर्स और ब्रोकर भी इस अवैध गतिविधि में शामिल थे। इन सभी ने एक्सिस म्यूचुअल फंड की ट्रेडिंग जानकारी का उपयोग कर फर्जी लाभ कमाया। अब तक लगभग 200 करोड़ रुपये की अवैध आय को ट्रैक किया गया है, और आशंका है कि यह राशि इससे कहीं अधिक हो सकती है।

 जब्त की गई संपत्ति

ईडी ने तलाशी के दौरान 17.4 करोड़ रुपये की संपत्ति, जिसमें शेयर, म्यूचुअल फंड और बैंक बैलेंस शामिल हैं, जब्त कर ली है। साथ ही फर्जी संस्थाओं और आरोपी व्यक्तियों के परिवारों के बैंक खातों की भी जांच की जा रही है।

 आरोपी रिमांड पर

मुख्य आरोपी वीरेश जोशी को दो अगस्त को पीएमएलए 2002 के तहत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें 8 अगस्त तक ईडी की हिरासत में भेज दिया गया है। जांच जारी है और अन्य संदिग्धों पर भी शिकंजा कसने की तैयारी है।

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