छत्तीसगढ़ में एक और शावक का डूबकर मौत हो जाने से वन विभाग के अधिकारियों की कार्यशैली और कैंपा फंड के उपयोग को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गया है।
जानकारी के अनुसार रायगढ़ जिले में पानी में डूबने से एक और हाथी शावक की मौत की खबर सामने आई है। जिसने वन विभाग पर और कैंपा फंड पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए है।
मामला खरसिया रेंज के मांड नदी के गुरदा क्षेत्र की बताई जा रही है जिसमें एक शावक तालाब में मृत पाया गया।
आरोप है कि कैंपा फंड का दुरुपयोग किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ में कैंपा का गठन प्राकृतिक वनों, वन्यजीवों और उनके आवासों का संरक्षण और प्रबंधन करने के उद्देश्य से किया गया है।
आरोप लग रहे है कि कैंपा के लिए करोड़ो का फंड जारी किए जाने के बावजूद वनविभाग के अधिकारियों ने फंड का उपयोग वन्यजीव संरक्षण और वन्यजीवों के लिए सही प्रबंधन में नहीं किए गए है और फंड का दुरुपयोग किया गया है।
गौरतलब है कि पिछले महीने मई में भी डूबने से ही 3 शावकों की मौत हुई थी। यह शावक की डूबने से हुई चौथी मौत बताई जा रही है। इलाके में करीब 50 हाथियों का दल लगातार विचरण करता नजर आ रहा है।
अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या करोड़ों के कैंपा फंड का उपयोग वास्तव में वन्यजीव संरक्षण में हो रहा है या फिर यह केवल कागजों तक ही सीमित रह गया है?





