गांव से सुप्रीम कोर्ट तक का सफर: जस्टिस सूर्यकांत आज CJI पद की शपथ लेंगे

Madhya Bharat Desk
2 Min Read

हरियाणा के हिसार जिले के पेटवाड़ गांव में आज उत्सव जैसा माहौल है। पूरे गांव में रोशनी और खुशी की लहर है, क्योंकि गांव का गौरव जस्टिस सूर्यकांत आज भारत के 53वें मुख्य न्यायाधीश (Chief Justice of India) के रूप में राष्ट्रपति भवन में शपथ लेने वाले हैं। इस ऐतिहासिक क्षण का साक्षी पूरा परिवार और हिसार-हांसी बार एसोसिएशन के पदाधिकारी भी होंगे।

जस्टिस सूर्यकांत एक साधारण परिवार से आते हैं। उनके पिता मदनमोहन शास्त्री संस्कृत के शिक्षक और प्रसिद्ध साहित्यकार थे, जबकि मां शशि देवी एक गृहणी थीं। परिवार में बड़े भाई शिक्षक, दूसरे डॉक्टर और तीसरे भाई आईटीआई से रिटायर्ड हैं।

दहेज से इंकार करने वाला अनोखा निर्णय

परिवार के सदस्य ऋषिकांत बताते हैं कि जब 1987 में सूर्यकांत के विवाह की बात चली, तो उन्होंने साफ शब्दों में कहा—

“दहेज में एक चम्मच भी नहीं लूंगा।”

उनका विवाह जींद की सविता शर्मा, जो अब रिटायर्ड प्रिंसिपल हैं, के साथ हुआ। उनकी दो बेटियां हैं, जो वर्तमान में कानून की पढ़ाई कर रही हैं।

गांव की शान—गौरव पट्ट में सबसे ऊपर नाम

पेटवाड़ गांव, जिसकी जनसंख्या करीब 10 हजार है, हमेशा से देशभक्ति और श्रेष्ठ प्रतिभाओं की धरती रहा है। गांव में लगे गौरव पट्ट पर स्वतंत्रता सेनानियों, शहीद जवानों, और बड़े पदों पर पहुंचे 26 लोगों के नाम दर्ज हैं—और सबसे शीर्ष पर है जस्टिस सूर्यकांत का नाम।

पिता चाहते थे इंजीनियर बनें, चुना कानून का रास्ता

ऋषिकांत बताते हैं—

“पिताजी चाहते थे कि सूर्यकांत इंजीनियर बनें, लेकिन उन्होंने कानून चुनकर अपनी अलग पहचान बनाई। वे पढ़ाई में अत्यंत तेज थे और आज भी अपने गांव से गहरे जुड़े हुए हैं। हर साल गांव के दोनों स्कूलों के टॉपर्स को सम्मानित करने खुद आते हैं। पूर्वजों के तालाब पर जरूर जाते हैं और गांव का पारंपरिक भोजन बथुआ, बाजरे की रोटी और कढ़ी खाना कभी नहीं भूलते।”

Share on WhatsApp

Share This Article
Leave a Comment