छत्तीसगढ़ के बिजली उपभोक्ताओं को अगस्त महीने से ज्यादा बिल भरने के लिए तैयार रहना होगा। राज्य विद्युत नियामक आयोग ने शुक्रवार को बिजली की नई दरें घोषित कर दी हैं, जिससे घरेलू और व्यावसायिक उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा।
नई दरों के अनुसार, घरेलू उपभोक्ताओं को अब प्रति यूनिट 20 पैसे अधिक देना होगा जबकि व्यावसायिक उपभोक्ताओं के लिए यह बढ़ोतरी 25 पैसे प्रति यूनिट होगी। यह निर्णय राज्य में बिजली कंपनियों को हो रहे घाटे की भरपाई के उद्देश्य से लिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि बिजली उत्पादन और वितरण की लागत में वृद्धि के कारण यह कदम आवश्यक हो गया था।
हालांकि इस फैसले की विपक्षी दल कांग्रेस ने आलोचना की है। कांग्रेस का कहना है कि सरकार ने जनता पर आर्थिक बोझ डालकर अन्याय किया है। उन्होंने इस बढ़ोतरी को जनविरोधी कदम बताते हुए वापस लेने की मांग की है।
इससे पहले ऐसी संभावना जताई जा रही थी कि प्रति यूनिट दरों में 10 से 15 पैसे तक की बढ़ोतरी हो सकती है, लेकिन वास्तविक वृद्धि इससे अधिक हुई है। इससे यह स्पष्ट होता है कि आम उपभोक्ता को आने वाले समय में बढ़े हुए बिजली बिलों का सामना करना पड़ेगा।
बिजली दरों में यह बढ़ोतरी राज्य की अर्थव्यवस्था और आम जनता पर प्रभाव डालेगी, खासकर मध्यम वर्ग और छोटे व्यापारियों के लिए यह चुनौतीपूर्ण हो सकता है। ऐसे में लोगों की उम्मीदें अब सरकार से राहत की ओर टिकी हुई हैं।







