आंदोलनकारियों की गिरफ्तारी पर घमासान: तुमगांव में किसान नेताओं का विरोध

Madhya Bharat Desk
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महासमुंद जिले के तुमगांव थाना क्षेत्र में उस वक्त तनाव की स्थिति बन गई, जब छत्तीसगढ़ राज्य आंदोलन से जुड़े कार्यकर्ताओं को पुलिस द्वारा हिरासत में लिया गया। इस कार्रवाई के विरोध में छत्तीसगढ़ संयुक्त किसान मोर्चा के नेता और स्थानीय किसान बड़ी संख्या में थाने पहुंचे और बातचीत के बाद आंदोलनकारियों को विधिवत छुड़ाया गया।

इस पूरे घटनाक्रम के बाद किसान नेताओं ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की अस्मिता से जुड़े मुद्दों को दबाने की कोशिश की जा रही है और प्रशासन स्पष्ट करे कि किन कारणों से आंदोलनकारियों को थाने में रोका गया। नेताओं ने विशेष रूप से जिलाधीश विनय लहंगे और पुलिस कर्मी अजय त्रिपाठी की भूमिका पर सवाल उठाते हुए जवाब मांगा है।

किसान नेताओं का आरोप है कि शासकीय, आदिवासी और किसानों की जमीन पर अवैध गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। उन्होंने दावा किया कि इन कार्यों में प्रशासन की मिलीभगत है और बाहरी प्रभाव में निर्णय लिए जा रहे हैं। नेताओं ने राज्य सरकार से मांग की है कि ऐसे मामलों की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।

इसी बीच, ‘छत्तीसगढ़ महतारी अस्मिता रथ यात्रा’ को लेकर भी माहौल गरमाया हुआ है। यह यात्रा गांव-गांव से होते हुए शिवरीनारायण पहुंची, जहां बड़ी संख्या में लोगों ने समर्थन जताया। किसान नेता लालाराम वर्मा ने कहा कि यह यात्रा केवल एक आंदोलन नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की पहचान और अधिकारों की लड़ाई है।

रथ यात्रा 5 तारीख को नया रायपुर पहुंचेगी, जहां तीसरे चरण का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। चंपारण में यात्रा का विश्राम रखा गया है। इस अभियान का नेतृत्व सतीश राठौर, रामेश्वर चौहान और लालाराम वर्मा कर रहे हैं।

संयोजक जागेश्वर प्रसाद ने कहा कि अगर सरकार ने जल्द ही किसानों और स्थानीय लोगों के मुद्दों पर ठोस कदम नहीं उठाए, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।

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