रायपुर।राजधानी रायपुर के भाटा गांव चौक में नगर निगम की कथित मनमानी सामने आई है। यहां वर्षों से फल बेचकर अपना परिवार चलाने वाले फल विक्रेताओं की दुकानों को नगर निगम के कर्मचारियों ने अचानक पहुंचकर जबरदस्ती हटा दिया। सबसे बड़ी बात यह रही कि कार्रवाई से पहले न तो किसी प्रकार का नोटिस जारी किया गया और न ही दुकानदारों को दुकान हटाने के लिए कोई समय दिया गया।
स्थानीय फल विक्रेताओं का कहना है कि वे पिछले 20 से 22 वर्षों से भाटा गांव चौक के पास अपनी दुकान लगाकर रोजी-रोटी चला रहे हैं। लेकिन शुक्रवार को निगम की टीम अचानक पहुंची और नाले के पास लगी चुनिंदा 4 से 5 दुकानों को हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी। विक्रेताओं का आरोप है कि बाकी दुकानों को छोड़कर सिर्फ कुछ लोगों को निशाना बनाया गया।
नगर निगम की ओर से दुकानदारों को यह कहकर हटाया गया कि उनकी दुकानों की वजह से ट्रैफिक व्यवस्था प्रभावित हो रही है। हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि इतने वर्षों से दुकानें लग रही थीं, तब कभी इस तरह की समस्या को लेकर कोई गंभीर कार्रवाई नहीं की गई।
मामले में जब जोन कमिश्नर हितेन्द्र यादव से बात करने की कोशिश की गई तो उन्होंने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। आरोप है कि सवाल पूछे जाने पर उन्होंने मनमाने तरीके से फोन काट दिया। इससे निगम की कार्रवाई और अधिकारियों के रवैये पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
फल विक्रेताओं ने निगम प्रशासन पर पक्षपातपूर्ण कार्रवाई का आरोप लगाते हुए कहा कि बिना वैकल्पिक व्यवस्था और पूर्व सूचना के उनकी दुकानें हटाना सीधे तौर पर उनके रोजगार पर हमला है।





