छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से एक चिंताजनक मामला सामने आया है, जहां VIP क्षेत्र में ही नियमों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है।
नवीन विश्राम भवन और पुलिस कमिश्नरेट के बीच, मुख्यमंत्री निवास से महज 100 मीटर की दूरी पर खुले में कचरा जलाया जा रहा है। यह आग इतनी तेज़ है कि आसपास के इलाके में धुआं फैल चुका है और इसके और फैलने की आशंका बनी हुई है।


स्थानीय लोगों के मुताबिक, इस कचरे को जलाने का काम PWD के कर्मचारियों द्वारा किया गया है, जो कि पर्यावरण से जुड़े नियमों के सीधे उल्लंघन के दायरे में आता है।

दरअसल, नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2016 के तहत खुले में कचरा, प्लास्टिक या सूखे पत्तों को जलाने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा रखा है। इसके बावजूद राजधानी के सबसे संवेदनशील और VIP क्षेत्र में इस तरह की घटना कई सवाल खड़े करती है।
सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब मुख्यमंत्री निवास के आसपास ही इस तरह नियमों की अनदेखी हो रही है, तो शहर के बाकी इलाकों में व्यवस्था की क्या स्थिति होगी?
यह घटना न सिर्फ पर्यावरण के लिए खतरा है, बल्कि प्रशासनिक जिम्मेदारी और निगरानी पर भी सवालिया निशान लगाती है।







