नई दिल्ली।असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा एक कथित वीडियो को लेकर सियासी विवादों के केंद्र में आ गए हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हुए इस वीडियो को लेकर AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने न केवल कड़ी आपत्ति जताई है, बल्कि असम सीएम के खिलाफ पुलिस में औपचारिक शिकायत भी दर्ज कराई है। वीडियो का नाम बताया जा रहा है — ‘प्वाइंट ब्लैंक शॉट’।
क्या है पूरा विवाद?
7 फरवरी को बीजेपी की असम इकाई के आधिकारिक एक्स (पूर्व में ट्विटर) हैंडल से एक वीडियो साझा किया गया था। इस वीडियो में कथित तौर पर मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा राइफल से दो व्यक्तियों की ओर निशाना साधते नजर आते हैं। वीडियो में एक व्यक्ति टोपी पहने हुए है, जबकि दूसरा दाढ़ी वाला दिखाई देता है।
वीडियो के साथ लिखे गए कैप्शन ‘प्वाइंट ब्लैंक शॉट’ ने विवाद को और हवा दे दी। हालांकि, बढ़ते विरोध के बाद यह पोस्ट सोशल मीडिया से हटा ली गई।
वीडियो सामने आते ही गरमाई राजनीति
वीडियो वायरल होते ही विपक्षी दलों ने तीखी प्रतिक्रिया दी। इसे लेकर सवाल उठाए गए कि क्या यह वीडियो किसी खास समुदाय के खिलाफ नफरत फैलाने का संकेत है। राजनीतिक गलियारों में इस पर बहस तेज हो गई और मामला जल्द ही कानूनी मोड़ ले बैठा।
ओवैसी की शिकायत पर हिमंत का जवाब
AIMIM अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि उन्हें ऐसे किसी वीडियो की जानकारी नहीं है।
उन्होंने साफ शब्दों में कहा,
“अगर मेरे खिलाफ कोई मामला दर्ज किया गया है, तो मुझे गिरफ्तार कर लिया जाए। मैं जेल जाने के लिए पूरी तरह तैयार हूं।”
इसके साथ ही उन्होंने यह भी दोहराया कि बांग्लादेशी घुसपैठ को लेकर उनका रुख पहले की तरह सख्त है और वे अपने बयान से पीछे नहीं हटेंगे।
ओवैसी का गंभीर आरोप
ओवैसी ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि इस तरह की सामग्री मुसलमानों की धार्मिक भावनाओं को आहत करती है और समाज में वैमनस्य फैलाने का काम करती है। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों और राष्ट्रीय एकता के लिए खतरनाक करार दिया।
आगे क्या?
अब मामला पुलिस जांच के दायरे में है। शिकायत दर्ज होने के बाद यह देखना अहम होगा कि जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है और क्या इसका असर असम की सियासत पर भी पड़ता है। फिलहाल, ‘प्वाइंट ब्लैंक शॉट’ वीडियो ने राजनीतिक माहौल को पूरी तरह गर्मा दिया है।



