छत्तीसगढ़ की राजनीति एक बार फिर बड़े बदलाव के संकेत दे रही है। भारतीय जनता पार्टी के भीतर यह चर्चा तेज़ हो गई है कि उपमुख्यमंत्री और गृह मंत्री विजय शर्मा को संगठन में और बड़ी राष्ट्रीय ज़िम्मेदारी सौंपी जा सकती है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, उन्हें बीजेपी का राष्ट्रीय महामंत्री बनाए जाने पर गंभीर मंथन चल रहा है, जो न सिर्फ़ छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे संगठन के लिए अहम संकेत माना जा रहा है।
विजय शर्मा लंबे समय से बीजेपी संगठन के भरोसेमंद चेहरों में गिने जाते रहे हैं। वे छत्तीसगढ़ प्रदेश के महामंत्री रह चुके हैं, युवा मोर्चा अध्यक्ष की भूमिका निभा चुके हैं और कई बड़े चुनावों में संगठनात्मक ज़िम्मेदारी को सफलतापूर्वक निभाया है। खासतौर पर बिहार विधानसभा चुनाव और अन्य राज्यों के चुनावों में उनकी भूमिका को पार्टी नेतृत्व ने प्रभावी माना है। बिहार में उन्होंने नीतीश कुमार और एनडीए के साथ समन्वय में चुनावी रणनीति को मजबूती दी थी।
आरएसएस से उनके गहरे वैचारिक और संगठनात्मक संबंध भी उन्हें पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के क़रीब लाते हैं। वर्तमान में उपमुख्यमंत्री और गृह मंत्री के तौर पर वे बस्तर में नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक अभियान का नेतृत्व कर रहे हैं, जिसे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का स्पष्ट समर्थन मिल रहा है। खुद अमित शाह कई मंचों से यह संकेत दे चुके हैं कि छत्तीसगढ़ मॉडल देश के लिए उदाहरण बन सकता है।
ऐसे में विजय शर्मा को राष्ट्रीय संगठन में लाना बीजेपी की दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। यदि उन्हें राष्ट्रीय महामंत्री की ज़िम्मेदारी मिलती है, तो यह छत्तीसगढ़ की राजनीतिक हैसियत को राष्ट्रीय स्तर पर और मज़बूत करेगा।
फिलहाल आधिकारिक घोषणा का इंतज़ार है, लेकिन इतना तय है कि विजय शर्मा का नाम अब सिर्फ़ छत्तीसगढ़ तक सीमित नहीं रहा, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति में निर्णायक भूमिका के लिए पूरी तरह तैयार दिखाई दे रहा है।







