नई दिल्ली: संसद के बजट सत्र के दौरान निलंबित किए गए सांसदों को बड़ी राहत मिली है। मंगलवार को ओम बिरला ने लोकसभा में अहम फैसला सुनाते हुए 8 सांसदों का निलंबन समाप्त करने की घोषणा कर दी।
ये सभी सांसद 4 फरवरी को सदन में हंगामे के चलते पूरे बजट सत्र के लिए सस्पेंड किए गए थे। आरोप था कि बहस के दौरान उन्होंने पीठासीन अधिकारी कृष्णा प्रसाद तेन्नेटी की कुर्सी की ओर कागज फेंके थे।
दरअसल, यह विवाद उस समय शुरू हुआ था जब राहुल गांधी पूर्वी लद्दाख में 2020 के भारत-चीन सीमा विवाद का मुद्दा उठा रहे थे। इसी दौरान सदन में तीखी नोकझोंक और हंगामा देखने को मिला।
मंगलवार को स्थिति बदली जब कांग्रेस सांसद के. सुरेश सहित तीन सांसदों ने निलंबन खत्म करने का प्रस्ताव रखा। इस प्रस्ताव को ध्वनि मत से पारित कर दिया गया। समाजवादी पार्टी के सांसद धर्मेंद्र यादव ने भी इस प्रस्ताव का समर्थन करते हुए कहा कि सदन की गरिमा बनाए रखना सत्ता और विपक्ष दोनों की जिम्मेदारी है।

उन्होंने खास तौर पर भाजपा सांसद निशिकांत दुबे का नाम लेते हुए संयम बरतने की सलाह दी। इसके बाद सदन में कुछ देर के लिए फिर से शोर-शराबा देखने को मिला।
इस दौरान स्पीकर ओम बिरला ने सख्ती दिखाते हुए सदस्यों को चेतावनी दी कि वे सदन में प्लेकार्ड या एआई से तैयार की गई तस्वीरों का प्रदर्शन न करें।
इस फैसले के साथ ही निलंबित सांसदों की वापसी का रास्ता साफ हो गया है, जिससे संसद की कार्यवाही सुचारु रूप से चलने की उम्मीद जताई जा रही है।







