छत्तीसगढ़ की राजधानी नवा रायपुर में दार्शनिक-कवि श्री राजेन्द्र बहादुर सिंह बघेल द्वारा रचित महाकाव्य “मेरे राम महाकाव्य” का ऐतिहासिक एवं गरिमामय लोकार्पण संपन्न हुआ। यह आयोजन केवल पुस्तक विमोचन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि भारतीय संस्कृति, दर्शन और काव्य-परंपरा के पुनर्जागरण का मंच बना।
महाकाव्य का विमोचन भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव एवं वरिष्ठ लेखक श्री राम माधव, सुप्रसिद्ध अभिनेता श्री नितीश भरद्वाज, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं राज्यपाल श्री रमेश बैस, छत्तीसगढ़ राज्य साहित्य अकादमी के अध्यक्ष श्री शशांक शर्मा तथा श्री अभिजीत पाण्डेय की गरिमामयी उपस्थिति में हुआ।

समारोह को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि “मेरे राम महाकाव्य” समकालीन समाज को मर्यादा, कर्तव्य, करुणा और धर्म जैसे शाश्वत मूल्यों की याद दिलाने वाली कृति है। यह महाकाव्य आज के वैचारिक रूप से भ्रमित समाज को दिशा देने में समर्थ है।
इस अवसर पर कवि के सुपुत्र इंजीनियर ज्ञानेंद्र सिंह बघेल ने बताया कि यह महाकाव्य उनके पिता की लगभग बीस वर्षों की तपस्यमय साधना का परिणाम है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में साहित्यप्रेमी, लेखक और बुद्धिजीवी उपस्थित रहे।
उल्लेखनीय है कि “मेरे राम महाकाव्य” का संगीतबद्ध गायन भी किया जा रहा है, जिसके चयनित एपिसोड YouTube चैनल “mereramepic”पर उपलब्ध हैं, जहाँ काव्य और संगीत का सुंदर संगम देखने को मिल रहा है।







