रायपुर।छत्तीसगढ़ी महतारी अस्मिता रथ यात्रा को सिरपुर जाने से पहले महासमुंद जिले के नदी मोड़ पर पुलिस प्रशासन ने रोक दिया। आरंग से पारागांव की ओर बढ़ रही इस रथ यात्रा को पुलिस अधीक्षक महासमुंद ने भारी बल के साथ रोकते हुए आगे बढ़ने नहीं दिया। रथ यात्रा रोकने का विरोध करने पर कई किसान नेताओं को हिरासत में लेकर आरंग थाना भेज दिया गया।
जानकारी के अनुसार, विरोध के दौरान लालाराम वर्मा, अशोक कश्यप और बृज बिहारी साहू को पुलिस ने बलपूर्वक थाना आरंग ले जाया। वहीं महासमुंद, तुमगांव, कौवाझर, मालीडीह और सिरपुर क्षेत्र के किसानों को सुबह करीब 5 बजे साइबर थाना महासमुंद लाया गया, जिनमें डेविड चंद्राकर, छन्नू साहू, दशरथ सिंह और धर्मेंद्र यादव शामिल हैं।
किसान संगठनों और सामाजिक नेताओं ने आरोप लगाया है कि गांव-गांव में किसानों को रोककर भय का माहौल बनाया जा रहा है। जैसे ही यह खबर राजधानी रायपुर पहुंची, वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क किया गया। सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री कार्यालय से निर्देश मिलने के बाद रथ यात्रा को फिलहाल सिरपुर नहीं जाने दिया गया है। बताया गया कि मुख्यमंत्री के प्रवास के बाद ही यात्रा को आगे बढ़ने की अनुमति दी जाएगी।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद छत्तीसगढ़ी भवन में विभिन्न सामाजिक संगठनों, संयुक्त किसान मोर्चा और सर्व समाज के नेताओं की बैठक हुई। बैठक में इसे लोकतंत्र पर सीधा हमला बताते हुए कड़ा विरोध दर्ज किया गया। नेताओं ने ऐलान किया कि सड़क पर आंदोलन के साथ-साथ माननीय उच्च न्यायालय में मुख्यमंत्री के खिलाफ रथ यात्रा रोकने को लेकर प्रकरण दर्ज कराया जाएगा।
बैठक के पश्चात सभी नेता आरंग के लिए रवाना हुए। बैठक में अनिल दुबे, जागेश्वर प्रसाद, महेंद्र कौशिक, वेगेंद्र सोनबर, रघुनंदन साहू, शिवनारायण ताम्रकार, रोहित चंद्रवंशी, गंगाराम साहू, श्यामू राम सेन और रितु महान सहित कई प्रमुख नेता मौजूद रहे।
नेताओं ने दो टूक कहा कि छत्तीसगढ़ी महतारी अस्मिता रथ यात्रा हर हाल में जारी रहेगी।







