रायपुर। केंद्र सरकार की चार नई श्रम संहिताओं और कुछ आर्थिक नीतियों के विरोध में देशभर में ट्रेड यूनियनों द्वारा आहूत राष्ट्रव्यापी हड़ताल का असर छत्तीसगढ़ में भी देखने को मिला। प्रदेश के कई औद्योगिक और खनन क्षेत्रों में कामकाज प्रभावित रहा, जबकि राजधानी रायपुर में श्रमिक संगठनों ने मशाल रैली निकालकर अपना विरोध दर्ज कराया।
रायपुर में मशाल रैली, श्रमिकों ने जताई नाराज़गी
राजधानी के बूढ़ापारा स्थित कर्मचारी भवन से शाम के समय मशाल रैली निकाली गई। रैली में विभिन्न ट्रेड यूनियनों, कर्मचारी संगठनों और मजदूर प्रतिनिधियों की बड़ी संख्या में भागीदारी रही।
सभा को संबोधित करते हुए धर्मराज महापात्र ने कहा कि प्रस्तावित श्रम संहिताएं श्रमिकों के अधिकारों को कमजोर कर सकती हैं। उन्होंने मजदूर वर्ग से एकजुट होकर अपने अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने की अपील की।
रायगढ़ में खनन और परिवहन पर असर
रायगढ़ जिले में हड़ताल का असर अधिक स्पष्ट दिखाई दिया। कोयला खदानों और परिवहन व्यवस्था पर आंशिक रूप से कामकाज प्रभावित रहा। एसईसीएल की छाल खदान के समीप इंटक, एटक, सीटू और एचएमएस से जुड़े कार्यकर्ताओं ने धरना प्रदर्शन की घोषणा की।
खदानों में उत्पादन प्रभावित होने से कोयला परिवहन भी बाधित रहा, जिससे स्थानीय गतिविधियों पर असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।
स्कूल और अन्य संस्थान सामान्य
हालांकि, हड़ताल के दौरान स्कूलों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों में कामकाज सामान्य रूप से जारी रहा। प्रशासन की ओर से कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक इंतजाम किए गए थे।







