सरगुजा जिले के सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो और बतौली के ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर (BMO) डॉ. संतोष सिंह के बीच हुआ विवाद हाल ही में बड़े मोड़ पर पहुंच गया। मामला एक सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल मरीज के इलाज से जुड़ा था। आरोप था कि इलाज में लापरवाही बरती गई और मरीज को एम्बुलेंस की जगह टाटा मैजिक वाहन से रेफर किया गया। इस घटना से नाराज़ विधायक टोप्पो ने BMO के निलंबन की अनुशंसा की।
विधायक की अनुशंसा पर संयुक्त संचालक ने मामले की जांच के लिए एक समिति गठित की। जांच में डॉ. संतोष सिंह दोषी पाए गए। इसके बाद सरगुजा के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. प्रेम सिंह मार्को ने बुधवार शाम आदेश जारी कर उन्हें BMO पद से हटा दिया। साथ ही, उन्हें उनके मूल पदस्थापना स्थल, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) बटईकला में कार्यभार संभालने के निर्देश दिए गए।
यह घटना स्वास्थ्य सेवा व्यवस्था में जवाबदेही और तत्परता की आवश्यकता को एक बार फिर सामने लाती है। मरीजों की जान बचाने में देरी या लापरवाही न केवल चिकित्सकीय मानकों के खिलाफ है, बल्कि यह समाज के भरोसे को भी आघात पहुँचाती है।







