नई दिल्ली: छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर कांग्रेस ने राहुल गांधी के नेतृत्व में प्रधानमंत्री आवास के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार पर छात्रों के साथ हुए कथित पुलिस व्यवहार को लेकर सवाल उठाए और गृह मंत्री से संसद में बयान व चर्चा की मांग की। पार्टी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की भी मांग की। इस दौरान दिल्ली पुलिस ने कई कांग्रेस सांसदों और नेताओं को हिरासत में लिया।
धरने के बीच आम आदमी पार्टी (AAP) ने कांग्रेस के प्रदर्शन पर सवाल खड़े किए। राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी ने राहुल गांधी को अपने आवास के बाहर धरना देने की अनुमति देकर अन्य आंदोलनों को कमजोर करने की कोशिश की। उन्होंने इसे राजनीतिक रणनीति बताया।
वहीं, AAP विधायक आतिशी ने भी एक्स पर पोस्ट कर कांग्रेस के प्रदर्शन और सरकार की प्रतिक्रिया पर सवाल उठाए। उन्होंने सोनम वांगचुक और अन्य प्रदर्शनकारियों के लंबे समय से चल रहे आंदोलन का उल्लेख करते हुए कहा कि जहां उनके साथ सरकार ने बातचीत नहीं की, वहीं राहुल गांधी के प्रदर्शन के तुरंत बाद बातचीत शुरू होने का दावा किया। आतिशी ने इसे सरकार और कांग्रेस के बीच “जुगलबंदी” करार दिया।
उधर, राहुल गांधी ने एक्स पर पोस्ट कर छात्रों के मुद्दे को हर भारतीय परिवार से जुड़ा बताते हुए कहा कि छात्रों पर हमला पूरे देश पर हमला है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जवाबदेही से बच नहीं पाएगी और देशवासियों से प्रधानमंत्री आवास के सामने चल रहे धरने में शामिल होने की अपील की। राहुल गांधी ने कहा कि भारत के छात्रों की आवाज को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
छात्रों पर हमला हर भारतीय परिवार पर हमला है।
प्रधानमंत्री मोदी को लगता है कि वो बिना जवाब दिए, बिना किसी नतीजे का सामना किए बच निकलेंगे – नहीं कर पाएंगे, इस बार तो बिल्कुल नहीं।
मैं हर उस देशभक्त भारतीय से अपील करता हूं जो मानता है कि हमारे छात्रों को न्याय मिलना चाहिए -…
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) July 21, 2026
कांग्रेस के प्रदर्शन और AAP की आलोचना के बाद इस मुद्दे पर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है।







