छत्तीसगढ़ में जमीन की गाइडलाइन दरों में अचानक की गई बेतहाशा वृद्धि को लेकर सियासत तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी की सरकार और राज्य के मंत्री ओपी चौधरी के फैसले के खिलाफ कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है। आरोप है कि जमीन की गाइडलाइन में करीब 400 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी कर दी गई, जिससे प्रदेश का रियल एस्टेट कारोबार पूरी तरह ठप हो गया है।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि इस फैसले से आम आदमी के लिए जमीन खरीदना अब सिर्फ सपना बनकर रह गया है। जमीन की कीमतों में अप्रत्याशित उछाल के कारण छोटे निवेशक, किसान और जमीन से जुड़े कारोबारी सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं।
इसी मुद्दे को लेकर शहर और ग्रामीण जिला कांग्रेस कमेटी के संयुक्त आह्वान पर एक दिवसीय धरना प्रदर्शन आयोजित किया गया। प्रदर्शनकारियों ने मंत्री ओपी चौधरी पर तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए सरकार से बढ़ी हुई गाइडलाइन दरों को तत्काल कम करने की मांग की।
छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव दिलीप सिंह चौहान ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द ही इस फैसले पर पुनर्विचार नहीं किया, तो आने वाले दिनों में मुख्यमंत्री का घेराव किया जाएगा और आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
कांग्रेस का दावा है कि यह फैसला जनहित के खिलाफ है और प्रदेश की अर्थव्यवस्था के एक बड़े हिस्से—जमीन और निर्माण क्षेत्र—को गंभीर नुकसान पहुंचा रहा है।







