75 साल बाद रोशन हुआ जंगल का अंधेरा, छत्तीसगढ़ के संबलपुर सहित 16 वनग्रामों में पहली बार पहुंची बिजली

Madhya Bharat Desk
3 Min Read

राजनांदगांव।आजादी के 75 वर्ष बाद छत्तीसगढ़ के सुदूर वनग्राम संबलपुर में जब पहली बार बिजली जली, तो यह सिर्फ एक सुविधा नहीं बल्कि दशकों के इंतज़ार का अंत था। वर्षों से अंधेरे में जीवन गुजार रहे ग्रामीणों के लिए यह पल किसी त्योहार से कम नहीं था। बच्चों की मुस्कान और बुजुर्गों की नम आंखें इस ऐतिहासिक क्षण की गवाह बनीं।

घने जंगलों और दुर्गम पहाड़ियों के बीच बसे संबलपुर गांव के 45 परिवार अब तक लालटेन और चिमनी के सहारे अपनी रोज़मर्रा की ज़िंदगी चला रहे थे। शासन-प्रशासन से लगातार उम्मीद लगाए बैठे ग्रामीणों का सपना आखिरकार छत्तीसगढ़ सरकार और जिला प्रशासन की पहल से पूरा हुआ।

 16 सुदूर वनग्रामों में पहुंची विकास की रोशनी

जैसे ही गांवों में बिजली की आपूर्ति शुरू हुई, पूरे इलाके में जश्न का माहौल बन गया। ग्रामीणों ने मिठाइयां बांटी और पटाखे फोड़कर खुशी जाहिर की। वर्षों बाद घरों में बल्ब, पंखे और अन्य विद्युत उपकरण चलते देख लोगों की आंखें भर आईं।

मुख्यमंत्री मजराटोला विद्युतीकरण योजना के तहत मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले के 16 दूरस्थ वनग्रामों को बिजली से जोड़ा गया। इनमें कातुलझोरा, कट्टापार, बोदरा, बुकमरका, संबलपुर, मुंदेली, गट्टेगहन, पुगदा, आमापायली, पीटेमेटा, टाटेकसा, कुंडकाल, रायमन्होरा, नैनगुड़ा, मेटातोड़के, घोटियाकन्हार, एडसमेटा और कुंजकन्हार जैसे गांव शामिल हैं, जहां आजादी के बाद पहली बार बिजली पहुंची है।

 6.80 करोड़ की लागत से बदली तस्वीर

इन वनग्रामों के विद्युतीकरण के लिए कुल 6 करोड़ 80 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई। परियोजना के अंतर्गत 89 किलोमीटर 11 केवी लाइन, 22 किलोमीटर एलटी लाइन, 95 विद्युत पोल और 25 वितरण ट्रांसफार्मर लगाए गए। कठिन भौगोलिक हालात और घने जंगलों के बावजूद विद्युत कर्मियों ने चुनौतीपूर्ण कार्य को सफलतापूर्वक पूरा किया।

 बिजली से जागा बच्चों का भविष्य

आदिवासी बहुल ग्राम संबलपुर के तीसरी कक्षा के छात्र तमेश्वर ने खुशी जताते हुए कहा कि अब वह रात में भी पढ़ाई कर सकेगा और बड़ा अफसर बनने का सपना पूरा करेगा। बिजली आने से बच्चों की शिक्षा, मनोरंजन और बाहरी दुनिया से जुड़ाव के नए रास्ते खुले हैं।

गांव के निवासी मेहरूराम हिड़ामी ने बताया कि आसपास के गांवों में बिजली देखकर हमेशा मन में कसक रहती थी। जिस दिन गांव में बिजली आई, उस दिन पूरा इलाका दीवाली की तरह जगमगा उठा।

Share on WhatsApp

Share This Article
Leave a Comment