3 सितम्बर 2025 की सुबह Enforcement Directorate (ED) ने छत्तीसगढ़ में एक व्यापक कार्रवाई शुरू की, जिसमें राज्य के कई बड़े नगर—रायपुर, दुर्ग-भिलाई और बिलासपुर—शामिल थे। साथ ही, हाल ही में बघेल परिवार से जुड़ी एक अन्य संवेदनशील कार्रवाई भी सामने आई है। दोनों घटनाएं भ्रष्टाचार, राजनीतिक संवेग और केंद्रीय एजेंसियों की भूमिका को उजागर करती हैं।
मुख्य कार्रवाई (ED की छापेमारी)
इस कार्रवाई के दौरान रायपुर में लगभग 8 से 10 स्थानों पर ED ने छापेमारी की, जिसमें शंकर नगर स्थित Vinay Garg का आवास और कार्यालय प्रमुख थे। Garg कृषि एवं संबंधित क्षेत्रों में सक्रिय व्यवसायी बताए गए हैं, लेकिन अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि ये कार्रवाई किस विशेष मामले—जैसे किसी आर्थिक अपराध या PMLA (Prevention of Money Laundering Act)—से संबंधित है। सुरक्षा व्यवस्था के लिए केंद्रीय सशस्त्र बलों को तैनात किया गया था, जिससे कार्रवाई की गंभीरता और व्यापकता का अंदाज़ा लगाया जा सकता है।
जब तक ED या संबंधित प्राधिकरण द्वारा आधिकारिक बयान जारी नहीं होता, तब तक इस छापेमारी के पीछे छिपी आर्थिक या कानूनी पृष्ठभूमि पर केवल अनुमान ही लगाया जा सकता है।



