रायपुर। छत्तीसगढ़ में नजूल जमीन पर रहने वाले लाखों लोगों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य सरकार जल्द ही भू-भाटक (ग्राउंड रेंट) से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव करने की तैयारी कर रही है।
विधानसभा में राजस्व मंत्री Tankaram Verma ने जानकारी दी कि नए नियमों का मसौदा तैयार किया जा रहा है और इसे अगले तीन महीनों के भीतर लागू किया जा सकता है।
दरअसल, इस मुद्दे ने तब तूल पकड़ा जब कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव और सावित्री मंडावी ने विधानसभा में सवाल उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि कई मामलों में लोगों से जमीन पर कब्जे की शुरुआती तारीख से ही भारी भरकम ग्राउंड रेंट वसूला जा रहा है, जिससे आम नागरिकों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है।
इस पर मंत्री ने स्वीकार किया कि पुराने नियमों में स्पष्ट दिशा-निर्देशों की कमी थी। खासतौर पर वर्ष 2015 में जारी गाइडलाइन में कई तरह की अस्पष्टता रही, जिसके कारण अलग-अलग जिलों में अलग-अलग तरीके से वसूली की जा रही थी।
अब सरकार इस व्यवस्था को सरल और न्यायसंगत बनाने की दिशा में काम कर रही है। प्रस्तावित नए नियमों में यह संभावना जताई जा रही है कि 50-60 साल पुरानी अवधि से वसूली करने की परंपरा को खत्म कर दिया जाएगा। इसकी जगह वसूली की सीमा घटाकर करीब 10 से 15 साल तक ही सीमित की जा सकती है।
इस कदम से न केवल विवाद खत्म होने की उम्मीद है, बल्कि लंबे समय से परेशान लोगों को भी बड़ी राहत मिल सकती है। फिलहाल सभी की निगाहें सरकार के नए नियमों के औपचारिक ऐलान पर टिकी हैं।



