छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर की सेंट्रल जेल एक बार फिर सुर्खियों में है। जेल के भीतर हुई एक गंभीर घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, जेल में बंद कुख्यात तांत्रिक और अपराधी केके श्रीवास्तव के करीबी माने जाने वाले युवा कांग्रेस नेता आशीष शिंदे पर जेल के अंदर ही जानलेवा हमला किया गया। बताया गया है कि कुछ बदमाशों ने धारदार हथियार से उन पर हमला किया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। उनकी हालत बिगड़ने पर उन्हें तुरंत मेकाहारा अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
यह घटना ऐसे समय पर सामने आई है जब ठीक 9 दिन पहले तेलीबांधा पुलिस ने आशीष शिंदे को केके श्रीवास्तव की फरारी में मदद करने के आरोप में गिरफ्तार किया था। पुलिस का कहना है कि आशीष ने आरोपी श्रीवास्तव को अपनी गाड़ी में छिपाकर शहरभर में घुमाया और उसे पुलिस की गिरफ्त से बचाने की साजिश में शामिल था।
इस हमले के बाद जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर कई सवाल उठ खड़े हुए हैं – कैसे जेल के भीतर हथियार पहुंचा? और कैदियों के बीच इतनी खतरनाक रंजिश कैसे पनपने लगी? यह घटना न सिर्फ एक गंभीर सुरक्षा चूक को उजागर करती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि जेल में बंद कैदियों का आपराधिक नेटवर्क अब भी कितना सक्रिय है।



