मद्रास हाईकोर्ट ने सहायता प्राप्त स्कूल की जमीन पर चल रहे चर्च निर्माण कार्य पर अंतरिम रोक लगा दी है। अदालत ने साफ कहा है कि किसी भी शैक्षणिक संस्थान की भूमि का इस्तेमाल बिना अनुमति धार्मिक निर्माण के लिए नहीं किया जा सकता।
जस्टिस जी. आर. स्वामीनाथन की एकलपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए संबंधित पक्षों को निर्देश दिया कि स्कूल परिसर में चल रहा चर्च का निर्माण तुरंत रोका जाए। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि सहायता प्राप्त स्कूल की जमीन का उपयोग केवल निर्धारित शैक्षणिक उद्देश्य के लिए ही किया जा सकता है, किसी अन्य कार्य के लिए नहीं।
याचिका में आरोप लगाया गया था कि यह स्कूल परिसर करीब 5,000 साल पुराने ऐतिहासिक बिंदु माधव पेरुमल मंदिर के पास स्थित है और परिसर के अंदर बिना किसी वैध अनुमति के चर्च का निर्माण कराया जा रहा था।
सुनवाई के दौरान यह भी कहा गया कि निर्माण कार्य के लिए जरूरी प्रशासनिक और कानूनी मंजूरी नहीं ली गई थी। इसके बाद हाईकोर्ट ने अंतरिम आदेश जारी करते हुए निर्माण कार्य पर तत्काल रोक लगा दी।
मामले की अगली सुनवाई जल्द होने की संभावना है, जिसमें अदालत संबंधित विभागों और पक्षकारों से विस्तृत जवाब मांगेगी।







