झीरमकांड और भीमा मंडावी हत्याकांड समेत कई मामलों में अब जल्द सुनवाई तेज होने की उम्मीद है। बस्तर में कुल 21 बड़े एनआईए मामलों की सुनवाई के लिए जगदलपुर में एनआईए की विशेष अदालत शुरू की जा रही है। केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट और राज्य सरकार की अनुशंसा के बाद इसकी अधिसूचना जारी कर दी है। इससे बस्तर से जुड़े एनआईए मामलों की सुनवाई अब स्थानीय स्तर पर तेजी से हो सकेगी।
जानकारी के मुताबिक, सेंट्रल एनआईए मामलों के वकील संजय शुक्ला ने बताया कि बस्तर संभाग के चार जिलों से जुड़े कुल 21 मामले अभी कोर्ट में चल रहे हैं, जबकि करीब 110 मामले रिमांड स्तर पर हैं। अब इन सभी मामलों की सुनवाई इसी स्पेशल कोर्ट में होगी। माना जा रहा है कि इससे लंबे समय से अटके मामलों के निपटारे में तेजी आएगी और सुनवाई भी नियमित हो सकेगी।
झीरम और भीमा मंडावी हत्याकांड में भी आएगी तेजी
स्पेशल कोर्ट बनने के बाद सबसे ज्यादा चर्चा झीरमकांड और दंतेवाड़ा विधायक भीमा मंडावी हत्याकांड को लेकर है। इन मामलों की सुनवाई अब तेजी से आगे बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है। बताया जा रहा है कि झीरमकांड में सुनवाई लगभग पूरी हो चुकी है और मामला अंतिम बहस के चरण में है। ऐसे में नियमित सुनवाई से जल्द फैसले की दिशा में प्रगति संभव मानी जा रही है।
चार जिलों के मामलों की होगी सुनवाई
नई स्पेशल एनआईए कोर्ट में बस्तर (जगदलपुर), दक्षिण बस्तर (दंतेवाड़ा), उत्तर बस्तर (कांकेर) और कोंडागांव जिलों से जुड़े सभी एनआईए मामलों की सुनवाई होगी। हाईकोर्ट के निर्देश के बाद जिला और सत्र न्यायालय परिसर में इसके लिए जरूरी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
पहले जिला न्यायालय में होती थी सुनवाई
अब तक इन मामलों की सुनवाई जिला और सत्र न्यायालय के जज करते थे। लेकिन छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस और राज्य सरकार की सलाह पर जारी अधिसूचना के बाद जिला एवं सत्र न्यायालय की जज संगीता नवीन तिवारी को एनआईए स्पेशल कोर्ट का जिम्मा सौंपा गया है। वहीं एनआईए मामलों में अभियोजन के लिए वरिष्ठ अधिवक्ता संजय शुक्ला और दिनेश पाणिग्राही को नियुक्त किया गया है।






