रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को एक बार फिर बड़ी राहत देते हुए बिजली बिल हाफ योजना को विस्तारित रूप में लागू करने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की 18 नवंबर की घोषणा पर बुधवार को महानदी भवन में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में औपचारिक स्वीकृति दी गई।
200 यूनिट तक आधा बिल, 400 यूनिट वालों को मिला अतिरिक्त फायदा
अब प्रदेश में 1 दिसंबर 2025 से मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत जन अभियान शुरू किया जा रहा है। नए प्रावधान के तहत—
- 200 यूनिट तक बिजली उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं को 50% की छूट मिलेगी।
- इसका लाभ लगभग 42 लाख परिवारों को मिलेगा।
इतना ही नहीं,
- 200 से 400 यूनिट तक खपत करने वालों को भी अगले एक वर्ष तक 200 यूनिट पर आधा बिल देने की छूट मिलेगी,
जिससे करीब 6 लाख उपभोक्ता राहत महसूस करेंगे।
सोलर प्लांट पर भारी सब्सिडी, फ्री बिजली की ओर कदम
सरकार घरेलू उपभोक्ताओं को सौर ऊर्जा अपनाने के लिए भी प्रोत्साहित कर रही है।
- पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत 1 किलोवाट सोलर सिस्टम पर 15,000 रुपये,
- और 2 किलोवाट या अधिक क्षमता पर 30,000 रुपये की अतिरिक्त सब्सिडी दी जाएगी।
यह कदम आने वाले वर्षों में उपभोक्ताओं को हाफ बिजली से फ्री बिजली की दिशा में ले जाने की कोशिश है।
पहले किए गए संशोधन बने असंतोष का कारण
राज्य सरकार ने एक अगस्त 2025 को बिजली बिल हाफ योजना में बदलाव करके सीमा 400 यूनिट से घटाकर 100 यूनिट कर दी थी। इससे बहुत से उपभोक्ताओं के बिल अचानक दोगुने हो गए थे और व्यापक नाराज़गी देखने को मिली थी। यही कारण रहा कि विधानसभा के विशेष सत्र के बाद सरकार ने सीमा बढ़ाकर 200 यूनिट करने का फैसला लिया।
बिजली की दरें (स्लैब अनुसार)
| यूनिट (प्रतिमाह) | ऊर्जा प्रभार (₹) |
|---|---|
| 0–100 यूनिट | 4.10 |
| 101–200 यूनिट | 4.20 |
| 201–400 यूनिट | 5.60 |
| 401–600 यूनिट | 6.60 |
| 601 यूनिट से ऊपर | 8.30 |
कैबिनेट के अन्य अहम निर्णय
- राज्य भंडारण क्रय नियम-2002 में संशोधन—स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा, जेम पोर्टल पर पारदर्शी खरीद।
- निजी विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक 2025 को मंजूरी।
- दुकान एवं स्थापना अधिनियम में संशोधन—ईज ऑफ डूइंग बिज़नेस और रोजगार को गति मिलेगी।







