छत्तीसगढ़ में किसानों के लिए बड़ी राहत की खबर है। राज्य में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की प्रक्रिया 15 नवंबर से शुरू होने जा रही है। इसको लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। रायपुर जिले में सोमवार को रेडक्रॉस सभाकक्ष, कलेक्ट्रेट में समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता अपर मुख्य सचिव एवं रायपुर जिले की प्रभारी सचिव ऋचा शर्मा ने की।
ऋचा शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी उपार्जन केंद्रों में किसानों के लिए सभी व्यवस्थाएं समय पर पूरी की जाएं ताकि धान विक्रय के दौरान किसी प्रकार की परेशानी न हो। उन्होंने कहा कि किसानों को भुगतान में देरी न हो, इस पर विशेष ध्यान दिया जाए।
उन्होंने आगे कहा कि धान की गुणवत्ता पर सख्त निगरानी रखी जाए और तेजी से उठाव सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही बारदानों की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने और कोचियों व अवैध धान परिवहन पर सख्त कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए।
प्रभारी सचिव ने कहा कि प्रत्येक उपार्जन केंद्र पर कॉल सेंटर नंबर प्रदर्शित किए जाएं ताकि किसान किसी भी समस्या की तुरंत जानकारी दे सकें और उसका समाधान समय पर किया जा सके।
बैठक में दी गई जानकारी के अनुसार, खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के लिए रायपुर जिले में 1,34,037 किसान पंजीकृत हैं, जिन्होंने कुल 1,26,921 हेक्टेयर क्षेत्र में धान की बुवाई की है। जिले में 139 उपार्जन केंद्र बनाए गए हैं। धान खरीदी की निगरानी के लिए जिला स्तरीय कंट्रोल कमांड सेंटर स्थापित किया गया है।
इसके अलावा, 5 चेक पोस्ट बनाए गए हैं जहाँ 43 कर्मचारियों की तैनाती उड़नदस्ता दलों में की गई है। संवेदनशील केंद्रों की पहचान कर प्रशासनिक अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है।
धान की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए तहसीलदार की अध्यक्षता में गुणवत्ता जांच दल का गठन किया गया है। साथ ही बारदाने की पर्याप्त उपलब्धता की भी पुष्टि की गई है ताकि खरीदी में किसी प्रकार की बाधा न आए।



