शहर जिला कांग्रेस कमेटी दुर्ग के अध्यक्ष एवं पूर्व महापौर धीरज बाकलीवाल ने छत्तीसगढ़ में लगाए जा रहे स्मार्ट मीटरों को लेकर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद प्रदेश के हजारों उपभोक्ताओं के बिजली बिल कई गुना बढ़ गए हैं, जिससे गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
धीरज बाकलीवाल ने कहा कि प्रदेशभर से लगातार शिकायतें मिल रही हैं कि स्मार्ट मीटर की रीडिंग में गड़बड़ी हो रही है और उपभोक्ताओं को वास्तविक खपत से अधिक बिजली बिल भेजे जा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि जिन परिवारों का पहले 500 से 600 रुपये तक बिजली बिल आता था, अब उन्हें 1500 से 2000 रुपये तक के बिल मिल रहे हैं। इससे आम जनता में भारी नाराजगी है और कई स्थानों पर विरोध-प्रदर्शन भी किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटर को लेकर केवल आम नागरिक ही नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ स्मार्ट मीटर रीडिंग संघ ने भी प्रदेशव्यापी धरना-प्रदर्शन कर अपना विरोध दर्ज कराया है। लोगों का आरोप है कि सरकार निजी कंपनियों को लाभ पहुंचाने के लिए जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल रही है।
भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए बाकलीवाल ने कहा कि “स्मार्ट मीटर अब अभिशाप मीटर बन गया है। पहले से महंगाई की मार झेल रही जनता पर अब मनमाने बिजली बिलों का बोझ भी डाला जा रहा है।”
उन्होंने राज्य सरकार से मांग की कि स्मार्ट मीटरों से जुड़े मामलों की तत्काल उच्चस्तरीय जांच कराई जाए तथा उपभोक्ताओं को जारी किए गए बढ़े हुए बिजली बिल वापस लिए जाएं। साथ ही उन्होंने कहा कि जब तक सभी शिकायतों का समाधान नहीं हो जाता, तब तक प्रदेश में स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया पर रोक लगाई जाए।





