रायपुर। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने एक बार फिर केंद्र सरकार और ईडी पर सीधा हमला बोला है। अपने बेटे चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी को लेकर उन्होंने भारतीय जनता पार्टी पर तीखे आरोप लगाए और इसे विपक्ष को कुचलने की साजिश करार दिया।
पूर्व सीएम ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की हालिया टिप्पणी से स्पष्ट है कि ईडी की कार्रवाई में पक्षपात झलकता है। उन्होंने बताया कि जिस दिन उन्होंने विधानसभा में अडानी समूह के खिलाफ आवाज उठाई, उसी दिन उनके परिवार को निशाना बनाया गया, जो यह साबित करता है कि कार्रवाई पूर्व नियोजित थी।
भूपेश बघेल ने कहा, “जब मैं रमन सिंह की सरकार में जेल गया, तो वह सरकार गिरी। मेरे पिता को अजीत जोगी सरकार ने जेल भेजा और वो सरकार भी नहीं बची। अब मेरे बेटे को नरेंद्र मोदी सरकार ने जेल भेजा है, देखिएगा डबल इंजन की सरकार भी जाएगी।”
उन्होंने आरोप लगाया कि उद्योगपतियों के खिलाफ बोलने वालों को डराने के लिए ईडी का इस्तेमाल किया जा रहा है। “हम तमनार की जमीन पर उद्योगपतियों के कब्जे को लेकर विधानसभा में आवाज उठाने वाले थे, लेकिन उसी दिन मेरे बेटे को बिना किसी नोटिस के जन्मदिन के दिन गिरफ्तार किया गया,” उन्होंने कहा।
पूर्व मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि यह एक सोची-समझी राजनीतिक साजिश है, जिसका मकसद कांग्रेस नेतृत्व को कमजोर करना है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इन दबावों से डरने वाली नहीं है।
भूपेश ने याद दिलाया कि कुछ दिन पहले विधायक देवेंद्र यादव और पूर्व मंत्री कवासी लखमा को भी जेल भेजा गया, जिससे यह स्पष्ट है कि विपक्षी नेताओं को दबाने की कोशिश की जा रही है।
हरेली पर्व के मौके पर, उन्होंने छत्तीसगढ़ की जनता को शुभकामनाएं दीं और भावुक होकर कहा, “त्योहार साल में एक बार आता है। चैतन्य नहीं है, दुख है, लेकिन छत्तीसगढ़ की जनता ही मेरा परिवार है।”
उन्होंने कहा, “हम आज यह संकल्प लेते हैं कि छत्तीसगढ़ को उजड़ने नहीं देंगे।”







