बिलासपुर में आयोजित जल संसाधन विभाग की सब इंजीनियर भर्ती परीक्षा में पूछे गए पेचीदा प्रश्नों ने उम्मीदवारों की मुश्किलें बढ़ा दीं। परीक्षार्थियों का कहना है कि प्रश्नों को समझने में ही काफी समय लग गया, जिससे हल करने का समय कम बचा।

शहर में 17 परीक्षा केंद्रों पर कुल 5987 परीक्षार्थियों के लिए परीक्षा आयोजित की गई। हाईटेक नकल की घटनाओं को देखते हुए इस बार सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। परीक्षा शुरू होने के बाद केंद्रों के गेट पर ताले लगा दिए गए और सशस्त्र पुलिस बल तैनात रहा।
ड्रेस कोड के उल्लंघन पर परीक्षार्थी को रोका
सरकंडा के रामदुलारे मिश्रा हाई स्कूल केंद्र पर एक महिला परीक्षार्थी को गहरे रंग के कपड़े पहनने के कारण अंदर नहीं जाने दिया गया। परीक्षा नियमों में हल्के रंग के कपड़े पहनने का निर्देश था। बाद में उसने कपड़े बदलकर परीक्षा दी।

परीक्षा का स्वरूप: थ्योरी और तकनीकी सवालों का दबदबा
100 अंकों की परीक्षा में 90% सवाल सैद्धांतिक थे, वहीं 75% प्रश्न तकनीकी विषयों से जुड़े थे। परीक्षार्थियों ने बताया कि जटिल सवालों के चलते एक-एक प्रश्न पर काफी समय देना पड़ा।

दिलचस्प सवाल बना चर्चा का विषय
परीक्षा के बाद एक सवाल खास चर्चा में रहा— “अधिकतर निर्माण विवाद किनके बीच होते हैं?” इसमें विकल्प दिए गए थे: श्रमिक और इंजीनियर, इंजीनियर और ठेकेदार, ठेकेदार और ग्राहक, ठेकेदार और जनता।
नीट जैसी सख्ती: दो घंटे पहले एग्जाम सेंटर पहुंचे परीक्षार्थी
व्यापमं ने इस बार परीक्षार्थियों को परीक्षा शुरू होने से दो घंटे पहले केंद्र पहुंचने के निर्देश दिए थे। सभी परीक्षार्थियों को हाफ शर्ट या टी-शर्ट में आना पड़ा।

सुरक्षा के व्यापक इंतजाम
परीक्षा केंद्रों पर मोबाइल, घड़ी, बेल्ट, टोपी, स्कार्फ जैसी चीजों को प्रतिबंधित किया गया। जूते, बेल्ट उतरवाए गए और विशेष समुदायों की अलग से जांच की गई। हर केंद्र पर हैंडहेल्ड मेटल डिटेक्टर से तलाशी और हर कमरे में जैमर लगाए गए।

परीक्षा केंद्र पर सख्ती का नजारा
पुलिसकर्मी नियमित रूप से परीक्षा केंद्र के भीतर और बाहर गश्त करते नजर आए। गेट परीक्षा से 15 मिनट पहले बंद कर दिया गया। परीक्षार्थियों को किसी भी प्रकार का बैग भी अंदर ले जाने की अनुमति नहीं थी।







