रायपुर: छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के संविदा कर्मचारियों की 18 अगस्त से चल रही अनिश्चितकालीन हड़ताल आखिरकार 32 दिन बाद खत्म हो गई। शुक्रवार शाम स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से हुई बैठक के बाद एनएचएम संविदा कर्मचारी संघ ने हड़ताल स्थगित करने का ऐलान किया।
स्वास्थ्य मंत्री ने चेतावनी दी थी कि यदि शुक्रवार शाम 5 बजे तक कर्मचारी काम पर नहीं लौटे तो सोमवार से नई भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। इसके बाद देर रात सरकार और कर्मचारियों के बीच सहमति बनी।
सरकार ने पूरी कीं 3 बड़ी मांगें
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि कर्मचारियों की 10 में से 4 मांगें पहले ही पूरी की जा चुकी थीं। अब तीन मांगों पर समिति बनाकर कार्रवाई की जाएगी और शेष तीन पर उच्चस्तरीय चर्चा होगी।
एनएचएम की महाप्रबंधक डॉ. प्रियंका शुक्ला और स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया ने भी कर्मचारियों से लगातार संवाद कर समाधान की कोशिश की थी।
संविदा संघ के अध्यक्ष अमित कुमार मिरी ने कहा कि ग्रेड पे और अनुकंपा नियुक्ति पर सरकार ने सकारात्मक आश्वासन दिया है, जिसके बाद हड़ताल स्थगित की गई।
काम पर लौटे तो नोटिस वापस
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि हड़ताल से लौटने वाले कर्मचारियों की नोटिस वापस ले ली जाएगी और जिनको बर्खास्त किया गया था, उनकी बहाली भी की जाएगी।
अब तक पूरी हुई प्रमुख मांगें:
- सेवा के दौरान सीआर (वार्षिक मूल्यांकन) में पारदर्शिता
- मेडिकल लिव 30 दिन तक
- इंश्योरेंस राशि 10 लाख रुपए
- वेतन में 22% वृद्धि (5% की प्रक्रिया जारी)
कर्मचारियों की प्रमुख मांगें:
संविलियन और स्थायीकरण, पब्लिक हेल्थ कैडर, ग्रेड पे निर्धारण, कार्य मूल्यांकन पारदर्शिता, लंबित 27% वेतन वृद्धि, भर्ती में आरक्षण, अनुकंपा नियुक्ति, मेडिकल अवकाश सुविधा, स्थानांतरण नीति और न्यूनतम 10 लाख कैशलेस बीमा।







