मृत आदिवासी महिला के नाम पर 10 एकड़ जमीन की फर्जी रजिस्ट्री, अधिकारियों की मिलीभगत का आरोप

Madhya Bharat Desk
2 Min Read

सूरजपुर: जिले के भैयाथान क्षेत्र के भटगांव तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत सोनपुर (सु) में जमीन से जुड़ा बड़ा फर्जीवाड़ा उजागर हुआ है। मामला एक मृत आदिवासी महिला के नाम पर आधार कार्ड में कूट रचना कर 10 एकड़ भूमि की फर्जी रजिस्ट्री से संबंधित है। इस पूरे प्रकरण की शिकायत जनप्रतिनिधियों ने पुलिस अधीक्षक सूरजपुर से की है।

जानकारी के अनुसार ग्राम सोनपुर निवासी आदिवासी महिला ऋषि बाई पति स्व. बलीराम उरांव का निधन वर्ष 2018 में हो चुका था। इसके बावजूद नरेशपुर निवासी महिला बच्ची (पिता बालम) ने अपने आधार कार्ड में हेरफेर कर नाम बदलकर ऋषि बाई पति बलीराम उरांव दर्ज करवा लिया। इसी फर्जी दस्तावेज के आधार पर उसने स्वयं को आदिवासी महिला बताते हुए लगभग 10 एकड़ भूमि की रजिस्ट्री करा ली।

आरोप है कि इस रजिस्ट्री को यशोदा देवी निवासी मितगई, तहसील रामानुजगंज के नाम पर दर्ज किया गया। हैरानी की बात यह है कि गवाह भी सरगुजा और कोरिया जिलों से प्रस्तुत किए गए। दस्तावेजों में मृत महिला को जीवित दर्शाते हुए इस पूरे खेल को अंजाम दिया गया।

ग्रामीणों का कहना है कि इस घोटाले में भूमि माफिया के साथ रजिस्ट्री कार्यालय, पटवारी, आरआई और तहसीलदार तक की मिलीभगत रही है। उनका मानना है कि शासकीय कर्मचारियों की संलिप्तता के बिना मृत महिला की जमीन की रजिस्ट्री होना असंभव है। इस पूरे मामले को लेकर जनपद सदस्य कांति देवी सिंह मार्को, सरपंच छोटे लाल सिंह, सरपंच मंजू महेश पैकरा सहित कई ग्रामीणों ने पुलिस अधीक्षक सूरजपुर को लिखित शिकायत सौंपी है।

उन्होंने कहा कि मृत महिला के नाम पर आधार कार्ड में फर्जीवाड़ा कर जमीन की रजिस्ट्री करना गंभीर अपराध है। जनप्रतिनिधियों ने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही चेतावनी दी कि यदि ऐसे मामलों पर रोक नहीं लगाई गई तो आदिवासी और कमजोर तबके की जमीनें लगातार असुरक्षित बनी रहेंगी।

Share on WhatsApp

Share This Article
Leave a Comment