रायपुर: छत्तीसगढ़ में हुए शराब घोटाले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पुत्र चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी के बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच तेज हो गई है। अब जांच का फोकस अन्य प्रभावशाली कांग्रेस नेताओं और रसूखदार व्यक्तियों की ओर बढ़ चुका है। ईडी की पड़ताल में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि महादेव ऑनलाइन सट्टा एप की अवैध कमाई का एक बड़ा हिस्सा शराब घोटाले से जुड़े काले धन के जरिए सफेद किया गया हो सकता है।
राज्य की आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) ने इस घोटाले में करीब 3,200 करोड़ रुपये की गैरकानूनी कमाई का दावा किया है। जांच एजेंसियों को संदेह है कि दोनों मामलों में हवाला चैनल और मनी लॉन्ड्रिंग के गहरे तार आपस में जुड़ते नजर आ रहे हैं।
कारोबारी और आयोजनों पर नजर:
महादेव एप के प्रमोटर सौरभ चंद्राकर के करीबी सौरभ आहूजा की जयपुर में हुई हाईप्रोफाइल शादी में छत्तीसगढ़ के कई व्यवसायी, रेलवे ठेकेदार और होटल कारोबारी शामिल हुए थे। ईडी को शक है कि यह केवल शादी का आयोजन नहीं था, बल्कि महादेव नेटवर्क से जुड़े रसूखदारों का गुप्त मिलन बिंदु था, जहां हवाला चैनलों के माध्यम से धन के ट्रांसफर की योजनाएं बनाई गईं।
व्यापारी और संपत्तियां जांच के घेरे में:
जयपुर और छत्तीसगढ़ के व्यापारी वर्ग में छापेमारी के बाद हड़कंप मच गया है। जिनका नाम इन दोनों घोटालों से जुड़ा है, वे या तो भूमिगत हो गए हैं या जांच से बचने के प्रयास में लगे हैं। ईडी ने अभी तक 19 संपत्तियों को जब्त किया है, जिनकी कुल कीमत 500 करोड़ रुपये के आसपास आंकी जा रही है। ये संपत्तियां छत्तीसगढ़, मुंबई और मध्य प्रदेश में फैली हुई हैं।
राजनीतिक असर और बयानबाजी:
महादेव एप से संबंधित मामले में राजनीतिक रंग भी चढ़ गया है। ईडी की जांच में भूपेश बघेल को भी पूछताछ के दायरे में लिया गया है। ईडी ने यह दावा किया था कि एक कार चालक आसिम दास ने बघेल को 508 करोड़ रुपये देने की बात स्वीकार की थी। हालांकि बघेल ने इसे सिरे से खारिज करते हुए इसे केंद्र सरकार द्वारा की जा रही “राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई” बताया है।
दुबई में हुई सौरभ चंद्राकर की भव्य शादी, जिसमें 200 करोड़ से ज्यादा खर्च और कई फिल्मी हस्तियों की मौजूदगी थी, जांच का अहम हिस्सा बन गई है। नकद लेन-देन और विदेशी लोकेशन पर हुए इस आयोजन से भी ईडी को कई सुराग मिले हैं।







