नई दिल्ली। संसद का मानसून सत्र 21 जुलाई से 21 अगस्त 2025 तक चलेगा। लेकिन सत्र से पहले ही सियासी तापमान चढ़ चुका है। शनिवार को बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में सरकार और विपक्ष के बीच तल्खी देखने को मिली। विपक्षी दलों ने सरकार को चार अहम मुद्दों पर घेरते हुए संसद में हंगामे के संकेत दिए हैं।
बैठक में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, किरण रिजिजू, अनुप्रिया पटेल, कांग्रेस नेता जयराम रमेश, मणिकम टैगोर, शिवसेना के श्रीकांत शिंदे, एनसीपी की सुप्रिया सुले, बीजेपी के रवि किशन सहित कई दलों के नेता शामिल हुए।
विपक्ष की रणनीति: चार मुद्दों पर हमले की तैयारी विपक्ष ने पहलगाम आतंकी हमले में सुरक्षा व्यवस्था की विफलता, ऑपरेशन सिंदूर में विदेश नीति की असफलता, बिहार में मतदाता सूची में गड़बड़ियों और जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने जैसे चार बड़े मुद्दों को सत्र में उठाने का ऐलान किया है।
सांसद मणिकम टैगोर के मुताबिक, ये मुद्दे 24 विपक्षी दलों की साझा बैठक में तय किए गए हैं।
आप नेता संजय सिंह ने भी बैठक के बाद कहा कि अमेरिका की ओर से ऑपरेशन सिंदूर पर आए बयानों और बिहार में मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण (SIR) पर गंभीर सवाल उठे हैं।
संसद में पेश होंगे ये महत्वपूर्ण विधेयक
सरकार इस मानसून सत्र में कई महत्वपूर्ण विधेयक लाने जा रही है, जिनमें शामिल हैं:
- मणिपुर माल एवं सेवा कर (संशोधन) विधेयक 2025
- जन विश्वास विधेयक 2025
- भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) संशोधन विधेयक
- कराधान कानून संशोधन
- विरासत स्थल संरक्षण विधेयक
- खान और खनिज विकास संशोधन
- राष्ट्रीय खेल प्रशासन विधेयक
- राष्ट्रीय डोपिंग रोधी संशोधन विधेयक
- स्वतंत्रता दिवस पर दो दिन नहीं चलेगी कार्यवाही
बताया गया है कि स्वतंत्रता दिवस समारोह को ध्यान में रखते हुए 13 और 14 अगस्त को संसद की कार्यवाही नहीं होगी।



