दुष्कर्म केस में कृषि अधिकारी को उम्रकैद, कोर्ट के फैसले के बाद नौकरी से बर्खास्त

Madhya Bharat Desk
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दुर्ग।दुष्कर्म के गंभीर मामले में कृषि विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कृषि विस्तार अधिकारी देवनारायण साहू को नौकरी से हटा दिया है। विभाग की ओर से जारी आदेश में साफ कहा गया है कि अब उन्हें भविष्य में किसी भी सरकारी विभाग में नौकरी नहीं दी जाएगी।

रायपुर की स्पेशल कोर्ट (एससी-एसटी) ने देवनारायण साहू को दुष्कर्म के मामले में दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। कोर्ट के फैसले के बाद कृषि विभाग ने तत्काल प्रभाव से उन्हें सेवा से बर्खास्त कर दिया।

जानकारी के मुताबिक, आरोपी के खिलाफ रायपुर के माना थाना में एक युवती ने शिकायत दर्ज कराई थी। युवती का आरोप था कि शादी का भरोसा देकर उसके साथ दुष्कर्म किया गया। बताया गया कि दोनों की पहचान कॉलेज के समय हुई थी और बाद में दोनों के बीच संपर्क बना रहा।

मामले की जांच के दौरान पुलिस ने एससी-एसटी एक्ट की धाराएं भी जोड़ीं। माना सीएसपी लंबोदर पटेल की निगरानी में जांच पूरी की गई और 8 जनवरी को आरोपी को गिरफ्तार किया गया। इसके बाद पुलिस ने कोर्ट में चार्जशीट पेश की थी।

सुनवाई के बाद स्पेशल कोर्ट ने आरोपी को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। कोर्ट के फैसले के आधार पर संभागीय संयुक्त संचालक गोपिका गभेल ने बर्खास्तगी का आदेश जारी किया। विभाग ने कहा कि अदालत से दोष सिद्ध होने के बाद अलग से लंबी विभागीय जांच की जरूरत नहीं होती।

कृषि विभाग ने सामान्य प्रशासन विभाग के नियमों का हवाला देते हुए कहा कि गंभीर आपराधिक मामलों में दोषी पाए गए कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई जरूरी है। इस कार्रवाई को प्रशासन की ओर से कड़ा संदेश माना जा रहा है कि ऐसे मामलों में किसी तरह की ढील नहीं दी जाएगी।

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