कोरिया: गोंडवाना गणतंत्र पार्टी (गोंगपा) के पांच प्रदेश पदाधिकारियों को पुलिस द्वारा हिरासत में लेने की सूचना के बाद पार्टी नेतृत्व ने तेजी से हस्तक्षेप किया। राष्ट्रीय प्रवक्ता जयनाथ सिंह केराम के पटना थाना पहुंचने और थाना प्रभारी से चर्चा के बाद सभी पदाधिकारियों को निःशर्त रिहा कर दिया गया। गोंगपा छत्तीसगढ़ में मुख्य रूप से आदिवासी अधिकारों और जल-जंगल-जमीन के मुद्दों पर सक्रिय राजनीतिक दल है।
हिरासत और रिहाई
हिरासत में लिए गए पदाधिकारियों में प्रदेश उपाध्यक्ष समा. गुरू केवल प्रकाश, प्रदेश महामंत्री समा. निलेश पांडेय सहित अन्य तीन प्रदेश पदाधिकारी शामिल बताए गए। इसकी सूचना मिलते ही गोंगपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता मा. जयनाथ सिंह केराम शनिवार को पटना थाना, जिला कोरिया पहुंचे।
उन्होंने थाना प्रभारी प्रमोद पांडेय से मुलाकात की और पदाधिकारियों की रिहाई की मांग रखी। इसके बाद पुलिस ने सभी पदाधिकारियों को बिना किसी शर्त के रिहा कर दिया।
आदिवासी भूमि विवाद का मुद्दा
गोंगपा ने कहा है कि पार्टी रायपुर में आदिवासी भूमि पर कथित अवैध कब्जे और आदिवासी पक्षकार को बेदखली कार्रवाई के विरोध में संघर्षरत है। पार्टी की मांग है कि बेदखली से पहले संबंधित भूमि की निष्पक्ष जांच की जाए और वास्तविक स्वामित्व की पहचान की जाए।
पार्टी ने पूर्व में 2 अक्टूबर 2026 को मुख्यमंत्री निवास के सामने आत्मदाह की चेतावनी भी दी थी, ताकि आदिवासी भूमि स्वामित्व के मुद्दे पर प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया जा सके। गोंगपा ने स्पष्ट किया है कि जब तक प्रभावित आदिवासी पक्षकार को न्याय नहीं मिलेगा, संघर्ष जारी रहेगा।
सड़क से कोर्ट तक संघर्ष की घोषणा
गोंगपा ने घोषणा की है कि रायपुर के आदिवासियों की भूमि खाली कराने के मामले में पार्टी सड़क से लेकर कोर्ट तक संघर्ष के लिए तैयार है। पार्टी का आरोप है कि आदिवासी भूमि पर अवैध कब्जे के मामलों में पक्षकारों को बिना उचित जांच के बेदखली का सामना करना पड़ रहा है।
पदाधिकारियों का समर्थन
रिहाई के प्रयास में गोंगपा के कई वरिष्ठ पदाधिकारी पटना थाना में मौजूद रहे। इनमें प्रदेश उपाध्यक्ष रामअधीन पोया, जिलाध्यक्ष कोरिया जांता जी, गोरेलाल कोराम, जनपद अध्यक्ष बैकुंठपुर समा. उदय सिंदराम और गोपाल कमरो सहित अन्य पदाधिकारी व कार्यकर्ता शामिल थे।







