रेलवे द्वारा स्पेशल ट्रेन उपलब्ध न कराने के बाद छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने दिल्ली की महारैली के लिए अपना रास्ता बदल लिया है। पार्टी अब राज्य के नेताओं और कार्यकर्ताओं को बड़ी संख्या में बसों के जरिए राजधानी पहुंचाने की तैयारी कर रही है।
जानकारी के अनुसार, छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ महारैली में भागीदारी के लिए 30 से अधिक लग्जरी बसें बुक की हैं। पार्टी का लक्ष्य राज्य से लगभग पांच हजार से ज्यादा लोगों को दिल्ली पहुंचाने का है।
इस दल में विधायक, पूर्व विधायक, जिला अध्यक्ष, ब्लॉक स्तर के पदाधिकारी और सक्रिय कार्यकर्ता शामिल होंगे। प्रदेश कांग्रेस ने अलग-अलग जिलों से आने वाले कार्यकर्ताओं के लिए सड़क मार्ग की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
बताया जा रहा है कि कांग्रेस ने रेलवे से 15 बोगियों की स्पेशल ट्रेन मांगी थी, जिसे 30 अक्टूबर की शाम रायपुर से दिल्ली के लिए रवाना कराने का प्रस्ताव था। हालांकि, रेलवे ने ट्रेन देने से इनकार कर दिया, जिसके बाद पार्टी ने बस संचालन की योजना बनाई।
कांग्रेस ने इस फैसले को लेकर केंद्र सरकार पर हमला बोला है और आरोप लगाया है कि रैली में शामिल होने वाले कार्यकर्ताओं के लिए रास्ता रोकने की कोशिश की जा रही है। पार्टी का कहना है कि ट्रेन की अनुमति न मिलने से आंदोलन का उत्साह कम नहीं होगा।
इंडिया गठबंधन की ओर से 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में ‘वोट बचाओ, देश बचाओ जन मार्च और महारैली’ आयोजित की जा रही है। इसमें मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को केंद्र में रखा जाएगा।
देश के कई राज्यों से भी कांग्रेस कार्यकर्ता इस रैली में पहुंचने की तैयारी कर रहे हैं। झारखंड और बिहार सहित अन्य जगहों से नेता एवं कार्यकर्ता ट्रेन, बस और निजी वाहनों के माध्यम से दिल्ली जाने की योजना बना रहे हैं।





