हैकिंग नहीं, लॉगिन डिटेल साझा होने से खुला गोपनीय डेटा!

Madhya Bharat Desk
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बिलासपुर। गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय में पेपर लीक और समर्थ पोर्टल विवाद को लेकर जांच रिपोर्ट सामने आ गई है। मामले की पड़ताल के लिए बनाई गई फैक्ट फाइंडिंग कमेटी ने अपनी रिपोर्ट विश्वविद्यालय प्रशासन को सौंप दी है।

जांच में अब तक पोर्टल हैक होने के कोई पुख्ता सबूत नहीं मिले हैं। शुरुआती जांच से यह संकेत मिला है कि मामला किसी साइबर हैकर की करतूत से ज्यादा लॉगिन आईडी और पासवर्ड साझा किए जाने से जुड़ा हो सकता है।

गौरतलब है कि समर्थ पोर्टल से 32 विभागों के प्रश्नपत्रों और गोपनीय दस्तावेजों के बाहर आने के आरोप लगे थे। इसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने पूरे मामले की जांच के लिए समिति गठित की थी।

सूत्रों के मुताबिक जांच में सामने आया है कि किसी व्यक्ति द्वारा लॉगिन संबंधी जानकारी साझा किए जाने के कारण संवेदनशील दस्तावेजों तक पहुंच बनाई गई। ऐसे में मामला हैकिंग से ज्यादा अंदरूनी लापरवाही या सुरक्षा नियमों के उल्लंघन का नजर आ रहा है।

इस घटना ने छात्रों के डेटा की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि समर्थ पोर्टल में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों की निजी और शैक्षणिक जानकारी सुरक्षित रहती है।

कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में मामले की गहराई से जांच के लिए पुलिस या किसी विशेषज्ञ साइबर एजेंसी की मदद लेने की सिफारिश भी की है। अब सबकी निगाहें विश्वविद्यालय प्रशासन पर टिकी हैं कि रिपोर्ट मिलने के बाद आगे क्या कदम उठाए जाते हैं।

यदि आगे की जांच में किसी अधिकारी या कर्मचारी की भूमिका सामने आती है, तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई के साथ-साथ कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।

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