बिलासपुर।छत्तीसगढ़ की तेंदूपत्ता खरीद नीति को लेकर चल रहा विवाद अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है। बिलासपुर हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ सरकार और दूसरे संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किया है।
सुप्रीम कोर्ट ने सभी पक्षों को चार हफ्ते के अंदर अपना जवाब दाखिल करने को कहा है। मामले की सुनवाई जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस आर. महादेवन की तीन सदस्यीय बेंच कर रही है।
दरअसल, रिटायर IFS अधिकारी कृष्ण शुक्ला ने तेंदूपत्ता खरीद, कीमत तय करने और संग्रहण दर को लेकर राज्य सरकार की नीति को चुनौती दी थी। हाईकोर्ट ने सरकार की नीति को सही मानते हुए जनहित याचिका खारिज कर दी थी।
अब सुप्रीम कोर्ट में याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया है कि सरकार खरीद मूल्य की जगह सिर्फ संग्रहण दर के आधार पर तेंदूपत्ता खरीद रही है, जिससे तेंदूपत्ता तोड़ने वाले संग्रहकों को उनका कानूनी फायदा नहीं मिल पा रहा। याचिका में वनाधिकार कानून के तहत आदिवासियों और पारंपरिक वनवासियों के अधिकारों का भी हवाला दिया गया है।
सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में छत्तीसगढ़ सरकार और अन्य संबंधित पक्षों से जवाब मांगा है। अब चार हफ्ते बाद मामले की अगली सुनवाई होगी.






